भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर झूमे श्रद्धालु

भक्ति रस में डूबा ग्राम देवरी, भगवान श्रीकृष्ण की बाल लीलाओं पर झूमे श्रद्धालु

  • श्रीमद् भागवत कथा का पांचवां दिन
  • पंडित कृष्णगोपाल पाण्डेय ने किया कालिया नाग मर्दन का सजीव चित्रण

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र नारायणगंज के ग्राम देवरी में इन दिनों श्रीमद् भागवत महापुराण के स्वर गूंज रहे हैं। समस्त ग्रामवासियों और महिला मंडल के विशेष सहयोग से आयोजित इस नौ दिवसीय ज्ञान यज्ञ के पांचवें दिन आध्यात्मिक उत्साह अपने चरम पर रहा। कथा व्यास पंडित कृष्णगोपाल पाण्डेय ने प्रभु श्री कृष्ण की मोहक बाल लीलाओं का वर्णन कर पंडाल में मौजूद भक्तों को भाव-विभोर कर दिया।कथा व्यास ने पांचवें दिन की शुरुआत भगवान श्रीकृष्ण की उन लीलाओं से की जो उन्होंने गोकुल के गोप-गोपियों को आनंद देने के लिए की थीं। कथा व्यास पंडित कृष्णगोपाल पाण्डेय ने बताया कि भगवान कृष्ण को माखन चोर क्यों कहा जाता है। उन्होंने कहा कि कान्हा केवल माखन नहीं चुराते थे, बल्कि वे अपने भक्तों के हृदय को चुरा लेते थे। गोपियों के घरों में मटकियां फोडऩा और सखाओं के साथ मिलकर माखन बांटकर खाना, यह संदेश देता है कि ईश्वर प्रेम के भूखे हैं। जब माता यशोदा ने उन्हें ओखल से बांधा, तो भगवान ने अपनी इस लीला से दामोदर नाम पाया और यमलार्जुन का उद्धार किया।

कथा के दौरान आगे यमुना नदी को विषमुक्त करने के प्रसंग का विशेष वर्णन किया गया। जब कालिया नाग के विष से यमुना का जल काला और जहरीला हो गया था, तब बालक कृष्ण ने गेंद खेलने के बहाने यमुना में छलांग लगा दी। मना करने के बावजूद कृष्ण ने कालिया नाग को युद्ध के लिए ललकारा। अंतत: भगवान ने कालिया के फनों पर नृत्य किया और उसे यमुना छोड़कर जाने पर विवश किया। कथा व्यास पंडित कृष्णगोपाल पाण्डेय ने बताया कि यह प्रसंग मनुष्य के भीतर छिपे अहंकार और क्रोध रूपी विष को समाप्त करने का प्रतीक है।

श्रद्धालुओं का उमड़ा जनसैलाब 

कथा व्यास ने मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के जीवन के आदर्शों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि कैसे एक पुत्र, भाई और राजा का धर्म निभाया जाता है। महिला मंडल द्वारा आयोजित इस आयोजन में न केवल देवरी, बल्कि आस-पास के ग्रामीण क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। आरती के बाद सभी भक्तों को महाप्रसाद का वितरण किया गया। कथा के पांचवें दिन ग्रामीणों ने भजन और कीर्तन के माध्यम से भक्ति का आनंद लिया।



 

Leave a Comment

Recent Post

Live Cricket Update

Advertisements

Read More Articles