जैविक खेती से बदली किसान बंदन उइके की जिंदगी
- मिट्टी से जुड़ा रिश्ता
- रसायन मुक्त खेती की तरफ बढ़े कदम
मंडला महावीर न्यूज 29. यह कहानी है जिले के विकासखंड नारायणगंज के ग्राम देवरीकला, बबलिया निवासी किसान बंदन उईके की, जो आज उन हजारों छोटे और सीमांत किसानों के लिए प्रेरणा बन चुके हैं जो खेती को घाटे का सौदा मानकर निराश हो चुके हैं। मात्र एक एकड़ भूमि पर मेहनत, सही मार्गदर्शन और जैविक खेती को अपनाकर उन्होंने अपनी आर्थिक और पारिवारिक स्थिति में उल्लेखनीय बदलाव किया है। उनके परिवार में पांच सदस्य हैं।
पहले पारंपरिक तरिके से रासायनिक खेती करते थे। रासायनिक खेती में अधिक लागत होने, कम मुनाफा मिलने और मिट्टी की उर्वरता घटने के कारण उन्हें लगातार आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा था। खेत की मिट्टी कठोर हो गई थी और फसलों की उत्पादकता भी साल दर साल गिरती जा रही थी। बंदन उईके रबी मौसम में गेहूं एवं चना तथा खरीफ मौसम में धान की खेती करते थे। इसके अलावा घरेलू आवश्यकताओं के लिए कुछ सब्जियां भी उपजा रहे थे।
किसान बंदन उईके ने बताया कि आत्मा परियोजना और केवीके मण्डला के अधिकारियों से मिलने के बाद उन्हें संस्था के माध्यम से जैविक एवं प्राकृतिक खेती, कृषि लागत कम करने की तकनीकों और टिकाऊ कृषि पद्धतियों का प्रशिक्षण दिया गया। सब्जियों की व्यवसायिक खेती को बढ़ावा देने के उद्देश्य से श्री उईके अपने 1 एकड़ कृषि भूमि में व्यवस्थित रूप से जैविक तरीके से टमाटर, चना, मटर की सब्जी का उत्पादन प्रारंभ किया। जैविक एवं प्राकृतिक खेती अपनाने से उनकी कृषि लागत में उल्लेखनीय कमी आई और खेत की मिट्टी में नमी एवं उर्वरता में सुधार हुआ। सब्जी उत्पादन से श्री बंदन उइके को लगभग एक लाख रुपए वार्षिक आय हो रही है। वर्तमान में राजमा की बोनी भी कर रहे हैं।
वे बताते हैं कि इससे परिवार को रोजाना ताजी, रसायनमुक्त एवं पौष्टिक सब्जियां मिलने लगीं है। जिससे उनके परिवार के स्वास्थ्य में भी सकारात्मक सुधार देखने को मिला है। वर्तमान में किसान श्री बंदन उईके की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है और वे आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर हैं। किसान श्री बंदन उइके के जैविक खेती की ओर कदम बढ़ाने से क्षेत्र के अन्य किसान भी प्रेरित हुए हैं। वे कहते हैं कि छोटी जोत, सही तकनीक और जैविक खेती की बदौलत भी कृषि में बेहतर बदलाव संभव है। सरकार इसके लिए किसानों को समय-समय पर सहायता एवं मार्गदर्शन देती रही है।










