धूमधाम से मनाया जन्मोत्सव और राम-सीता विवाह
- देवरी में गूंजे भगवान श्री कृष्ण के जयकारे
- श्रीमद् भागवत कथा में राम-सीता विवाह के प्रसंग पर झूमे श्रद्धालु
- कृष्ण जन्म पर नंदगांव बना देवरी
मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र नारायणगंज के ग्राम देवरी में इन दिनों आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हो रहा है। समस्त ग्रामवासियों और महिला मंडल के सहयोग से आयोजित नौ दिवसीय श्रीमद् भागवत महापुराण ज्ञान यज्ञ के चतुर्थ दिवस पर भक्ति का अनुपम दृश्य देखने को मिला। कथा व्यास पंडित कृष्णगोपाल पाण्डेय ने प्रभु श्री राम के आदर्श जीवन और भगवान श्री कृष्ण के प्राकट्य उत्सव का मनोहारी वर्णन किया।
कथा के दौरान कथा व्यास पंडित कृष्णगोपाल पाण्डेय ने श्री राम-सीता विवाह के प्रसंग को विस्तार से सुनाते हुए बताया कि भगवान राम का अवतार अधर्म के विनाश और मर्यादा की स्थापना के लिए हुआ था। उन्होंने शिव धनुष भंग और राजा जनक की प्रतिज्ञा का सजीव वर्णन किया। जैसे ही व्यास पीठ से राम-सीता विवाह की रस्में सुनाई गईं, पूरा पंडाल सियावर रामचंद्र की जय के नारों से गूंज उठा। कथा व्यास पंडित कृष्णगोपाल पाण्डेय ने बताया कि राम-सीता का वैवाहिक जीवन आदर्श परिवार और समाज की नींव है, जिससे आज की पीढ़ी को संस्कार सीखने चाहिए।
कृष्ण जन्मोत्सव पर झूम उठे भक्त
कथा के उत्तरार्ध में जैसे ही भगवान श्री कृष्ण के जन्म का समय आया, समूचा आयोजन स्थल गोकुल धाम में परिवर्तित हो गया। शंख ध्वनि, पुष्प वर्षा और सोहर गीतों के बीच भगवान का जन्मोत्सव मनाया गया। नन्हे बाल स्वरूप के दर्शन पाकर श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। नंद के आनंद भयो, जय कन्हैया लाल की के भजनों पर महिला मंडल और ग्रामवासियों ने जमकर नृत्य किया। भगवान को माखन-मिश्री का भोग लगाया गया और खिलौने व मिठाइयां बांटी गईं।
भक्तिमय हुआ वातावरण
ग्राम देवरी में सुबह से ही शंख ध्वनि और हरि नाम संकीर्तन से माहौल पवित्र बना हुआ है। महिला मंडल की सक्रिय भागीदारी और ग्रामवासियों की अटूट आस्था ने इस आयोजन को एक उत्सव का रूप दे दिया है। प्रतिदिन भारी संख्या में श्रद्धालु कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित कर रहे हैं।










