नारायणगंज में एक्सपायरी उत्पादों की खुलेआम बिक्री
- प्रशासन की चुप्पी से ग्रामीणों के स्वास्थ्य पर मंडराया संकट
- जागरूकता के अभाव का फायदा उठा रहे व्यापारी
- आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र में धड़ल्ले से खपाया जा रहा अमानक सामान
मंडला महावीर न्यूज 29. तहसील मुख्यालय नारायणगंज और आसपास के आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में इन दिनों उपभोक्ताओं की सेहत के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। क्षेत्र के सबसे बड़े बाजार हाट में खान-पान और दैनिक उपयोग की एक्सपायरी वस्तुएं धड़ल्ले से बेची जा रही हैं। शिक्षा और जागरूकता की कमी के चलते भोले-भाले ग्रामीण और किसान इन उत्पादों का शिकार हो रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर गंभीर प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की आशंका बनी हुई है।
बताया गया कि हाल ही में नगर में एक जागरूक उपभोक्ता की सतर्कता से व्यापारियों की मनमानी उजागर हुई है। एक व्यक्ति ने स्थानीय किराना दुकान से टूथपेस्ट खरीदा, जिसकी एक्सपायरी तिथि निकल चुकी थी। घर जाकर ध्यान देने पर उपभोक्ता ने तत्काल दुकानदार के पास पहुंचकर विरोध जताया और उत्पाद वापस कर वैध तिथि वाला सामान लिया। सूत्रों का कहना है कि ऐसी घटनाएं नगर में प्रतिदिन हो रही हैं, लेकिन जागरूक लोग ही इनका विरोध कर पा रहे हैं।
जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर सवाल
बाजार में खुलेआम बिक रहे एक्सपायरी उत्पादों ने खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। क्षेत्रीय जनता का आरोप है कि क्या जिम्मेदार अधिकारी अपने कर्तव्यों का निर्वहन केवल कागजों पर कर रहे हैं। बाजार में नियमित जांच और सैंपलिंग क्यों नहीं की जा रही। क्या व्यापारियों और अधिकारियों के बीच कोई गुप्त मिलीभगत है, जिसके कारण कार्रवाई से बचा जा रहा है।
स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा
विशेषज्ञों का कहना है कि एक्सपायरी खाद्य सामग्री, दवाइयां या प्रसाधन सामग्री का उपयोग करने से त्वचा रोग, फूड पॉइजनिंग और अन्य गंभीर बीमारियां हो सकती हैं। आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र होने के कारण यहां के लोग अक्सर रैपर पर अंकित निर्माण और समाप्ति तिथि को नहीं पढ़ पाते, जिसका सीधा फायदा मुनाफाखोर व्यापारी उठा रहे हैं।
कार्रवाई की मांग
क्षेत्रवासियों ने जिला प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि नारायणगंज बाजार का आकस्मिक निरीक्षण किया जाए और एक्सपायरी सामान बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। उपभोक्ताओं ने यह भी मांग की है कि ग्रामीण क्षेत्रों में जागरूकता अभियान चलाया जाए जिससे लोग खरीदारी करते समय सतर्क रह सकें।









