दैनिक वेतन भोगी और स्थाई कर्मियों ने खोला मोर्चा
- नियमितीकरण और सातवें वेतनमान की मांग को लेकर मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
- पुरानी पेंशन और अनुकंपा नियुक्ति सहित 8 सूत्रीय मांगों को लेकर आक्रोश
मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश के विभिन्न सरकारी विभागों में पिछले 25 से 30 वर्षों से सेवाएं दे रहे दैनिक वेतन भोगी और स्थाई कर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। मप्र कार्यभारित दैनिक वेतन भोगी एवं स्थाई कर्मचारी श्रमिक महासंघ ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर नियमित कर्मचारियों के समान सुविधाएं देने की मांग की है।
श्रमिक महासंघ का कहना है कि 16 दिसंबर 2025 को हुई कैबिनेट बैठक और उपमुख्यमंत्री की प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्थाई कर्मियों को नियमित के समान सुविधाएं देने का उल्लेख किया गया था, लेकिन वित्त विभाग द्वारा 22 दिसंबर 2025 को जारी परिपत्र में नियमितीकरण का कोई स्पष्ट जिक्र नहीं है। इससे प्रदेश के लाखों कर्मचारियों में भ्रम और असंतोष की स्थिति बनी हुई है।
कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
श्रमिक महासंघ ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम मंडला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई है कि अकुशल और अर्ध-कुशल स्थाई कर्मियों को कार्यभारित के समान सातवां वेतनमान और कुशल स्थाई कर्मियों को कार्यभारित के समान लाभ दिया जाए। सेवाकाल के दौरान मृत्यु होने पर आश्रितों को अनुकंपा नियुक्ति की पात्रता मिले। स्थाई कर्मियों को अर्जित अवकाश और दैनिक वेतन भोगियों को यात्रा भत्ता प्रदान किया जाए। वन विकास निगम, नगर निगम, नगर पालिका और विश्वविद्यालयों सहित विभिन्न विभागों में कार्यरत मस्टर कर्मी और अंशकालिक कर्मचारियों को पूर्णकालिक करते हुए नियमित किया जाए। सभी श्रेणियों के श्रमिकों को आयुष्मान भारत निरामयम योजना का लाभ मिले। सेवानिवृत्त और वर्तमान दैनिक वेतन भोगी एवं स्थाई कर्मियों को ओल्ड पेंशन योजना का लाभ दिया जाए। कार्यभारित कर्मचारियों को अवकाश नकदीकरण की सुविधा मिले।
महासंघ की चेतावनी
महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष द्वारका प्रसाद, प्रदेश उपाध्यक्ष दिनेश ठाकुर और जिला अध्यक्ष मनोज कुमार सौलंकी ने संयुक्त रूप से कहा कि श्रमिक पिछले तीन दशकों से अल्प वेतन पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि वे भारतीय मजदूर संघ के शीर्ष नेतृत्व के साथ वार्ता कर इन समस्याओं का तत्काल समाधान करें।









