नन्ही ऋषिका को मिला जीवनदान

नन्ही ऋषिका को मिला जीवनदान

  • मुम्बई में हुआ दिल का सफल ऑपरेशन, आरबीएसके बना मददगार
  • सरकारी योजना ने बचाई मासूम की जान
  • मंडला की 1 वर्ष की बच्ची के हृदय का मुम्बई में निःशुल्क सफल ऑपरेशन

मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) एक बार फिर किसी परिवार के लिए उम्मीद की किरण बनकर उभरा है। जिले के मोहगांव विकासखण्ड के ग्राम हर्राटीकुर निवासी एक वर्षीय नन्ही ऋषिका तेकाम जो जन्मजात हृदय रोग से पीड़ित थी, जिसका मुम्बई के नारायणा हेल्थ अस्पताल में सफल ऑपरेशन संपन्न हुआ। शासन के सहयोग से हुए इस निःशुल्क इलाज के बाद बच्ची अब पूरी तरह स्वस्थ है।

सांस लेने में तकलीफ और कम वजन ने बढ़ाई चिंता 

ऋषिका का जन्म 13 नवंबर 2024 को जिला चिकित्सालय मंडला में हुआ था। जन्म के कुछ महीनों बाद ही उसे सांस लेने में तकलीफ, बार-बार सर्दी-खांसी, बुखार और वजन न बढ़ने जैसी समस्याएं होने लगीं। जब आरबीएसके के चिकित्सक डॉ. मुकेश मर्सकोले ने बच्ची की जांच की, तो उन्हें हृदय में छेद होने की आशंका हुई। बेहतर जांच के लिए बच्ची को जबलपुर भेजा गया, जहां इको (ECHO) टेस्ट में जन्मजात हृदय रोग की पुष्टि हुई।

काउंसलिंग ने दूर किया परिजनों का डर

ऑपरेशन की बात सुनकर शुरुआत में ऋषिका के परिजन काफी भयभीत थे। डॉ. मुकेश मर्सकोले और आरबीएसके टीम ने परिवार को सांत्वना दी और पूर्व में सफल हुए अन्य बच्चों के उदाहरण देकर उनका ढांढस बंधाया। परिवार की सहमति मिलने के बाद जिला चिकित्सालय मंडला की डीईआईसी (DEIC) टीम ने प्रकरण तैयार कर इसे नारायणा हेल्थ चिल्ड्रन अस्पताल, मुम्बई रेफर किया।

26 नवंबर को हुआ सफल ऑपरेशन 

सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहन्ती ने बताया कि विषय विशेषज्ञों की देखरेख में 26 नवंबर 2025 को ऋषिका का सफल ऑपरेशन किया गया। लगभग दो सप्ताह तक डॉक्टरों की निगरानी में रहने के बाद बच्ची के स्वास्थ्य में सुधार को देखते हुए 9 दिसंबर 2025 को उसे अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।

परिजनों ने जताया आभार

ऋषिका के पिता ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि शासन और प्रशासन के सहयोग से मेरी बच्ची को नया जीवन मिला है। मैं मंडला कलेक्टर, स्वास्थ्य विभाग और आरबीएसके टीम का हृदय से आभारी हूं, जिन्होंने मुश्किल समय में हमारा साथ दिया और पूरा इलाज निःशुल्क कराया।



 

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