मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पियर असेसमेंट
- दी जाने वाली स्वास्थ्य सेवाओं का बारीकी से किया अवलोकन
- सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में कायाकल्प का पियर असेसमेंट
मंडला महावीर न्यूज 29. स्वास्थ्य केन्द्रों में साफ सफाई रखने के साथ संक्रमण नियंत्रण पर भी विशेष ध्यान देना पड़ता है। वहीं सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं में गुणवत्ता को देखते हुए भारत सरकार ने उच्च स्तर की स्वच्छता प्रदर्शित करने वाली सरकारी स्वास्थ्य सुविधाओं को कायाकल्प पुरस्कार देने की पहल की है। जिससे सरकारी स्वास्थ्य केन्द्रों में आने वाले मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सके। इसी उद्देश्य से नारायणगंज सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र में कायाकल्प पीयर असेसमेंट किया गया।
जानकारी अनुसार सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज का कायाकल्प अभियान के तहत पियर असेसमेंट असेसर डॉ. गौरव करवटे और डॉ. सुषमा गोयल बालाघाट द्वारा किया गया। पीयर असेसमेंट असेसर ने सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज के समस्त वार्ड, विभागों का गंभीरता से गहन निरीक्षण कर मूल्यांकन किया। जिसमें कायाकल्प के मापदंडों के अनुरूप संक्रमण नियंत्रण एवं जैव अपशिष्ट प्रबंधन, मरीजों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं, दवा स्टोर रूम, संबंधित रिकार्ड की जानकारी को गंभीरता से अवलोकन किया।
बताया गया कि सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में कायाकल्प के पियर असेसमेंट के दौरान अस्पताल परिसर, अस्पताल के ओपीडी, आईपीडी, दवा वितरण केन्द्र, पैथोलॉजी, ओटी, लेवर रूम, सफाई कक्ष, एनआरसी, एक्सीडेंटल इमरजेंसी के साथ विभिन्न वार्ड, विभाग का मूल्यांकन किया गया एवं सुधारात्मक सुझाव दिए गए। मूल्यांकन के दौरान असेसर डॉ. गौरव करवटे और डॉ. सुषमा गोयल, सीबीएमओ डॉ. एएल कोल समेत सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज का स्टाफ मौजूद रहा।
लेब में टेक्निशियन से ली जानकारी
कायाकल्प के पियर असेसमेंट में लेब कक्ष का निरीक्षण किया गया। जहां बालाघाट से आए असेसर डॉ. गौरव करवटे और डॉ. सुषमा गोयल ने लैब की व्यवस्थाओं का जायजा लेते हुए लैब कर्मचारियों से लैब के संबंध में विस्तार से जानकारी ली और रिकार्ड की जांच की। इसके साथ ही लेब टेक्निशियनों से लैब में होने वाले कार्यो का प्रैक्टिकल भी कराकर देखा।

सफाई कक्ष को सराहा
बता दे कि फाइनल असेसमेंट के दौरान डॉ. गौरव करवटे और डॉ. सुषमा गोयल द्वारा विभिन्न वार्डो का अवलोकन करते हुए सफाई कक्ष पहुंचे। जहां उन्होंने सफाई कक्ष को अंदर से जाकर देखा। सफाई कक्ष में उन्हें अन्य स्वास्थ्य केन्द्रों से बेहतर व्यवस्थित कक्ष मिला। सफाई कक्ष का जो समान जहां होना चाहिए, वह सभी चीजें व्यवस्थित मिली। जिसकी सराहना की। इसके साथ ही डॉ. गौरव करवटे और डॉ. सुषमा गोयल ने इससे संबंधित कुछ सुझाव भी दिए।

इस्टूमेंट की ली जानकारी
डॉ. गौरव करवटे और डॉ. सुषमा गोयल ने ड्यूटी में तैनात नर्सिंग ऑफीसर हाई लेवल डिस्इंफेक्शन के बारे में पूछा। जिसमें नर्सिंग ऑफीसर ने बताया कि अस्पताल में उपयोग होने वाले इस्टूमेंट के विषय में बताया। इसके साथ ही हाथों को कितने प्रकार से साफ किया जाता है, इसका प्रैक्टिकल कराके देखा।

इन कसौटी में कसे जाते है स्वास्थ्य केन्द्र
बताया गया कि कायाकल्प अवॉर्ड योजना के तहत प्रथम आकलन स्वयं स्वास्थ्य केन्द्र स्तर से होता है। दूसरे आकलन के लिए बाहरी जनपदों के चिकित्सकों की टीम आती है और तीसरा आकलन राज्य स्तरीय टीम के स्तर से होता है। तीनों आकलन में अगर स्वास्थ्य केन्द्र 70 फीसदी अंक अर्जित करता है तो उसे कायाकल्प योजना के तहत चयनित कर लिया जाता है।
नर्सिंग आफीसर से ली उनके कार्य की जानकारी
सीएचसी के कायाकल्प के पियर असेसमेंट कर रहे डॉ. गौरव करवटे और डॉ. सुषमा गोयल ने ड्यूटी में तैनात नर्सिंग ऑफीसर से ऑक्सीजन कंस्टेटर के रखरखाव के बारे में जाना। जिसमें नर्सिंग ऑफीसर ने बताया कि ऑक्सीजन कंस्टेटर के रखरखाव की जानकारी बताई। इसके साथ ही असेसर ने फाईव स्टेंर्डड ऑफ प्रोकॉशन की जानकारी नर्सिंग ऑफीसर से पूछी। जिसमें उन्होंने बताया कि हैंड हाईजीन, यूज ऑफ पीपीई, रेस्पीरेटरी हाईजीन, सेफ इंजेक्शन प्रेक्टीसेव, डिस्इंफेक्शन इन क्लीनिंग एवं वेस्ट मैनेजमेंट के बारे में बताया।










