जिला अस्पताल मंडला में एंटीबायोटिक अवेयरनेस वीक का आगाज
- नीली रोशनी से दिया जागरूकता का संदेश, प्रिस्क्रिप्शन ऑडिट और सुधार की बनाई कार्ययोजना
- सर्दी-जुकाम में न करें एंटीबायोटिक का उपयोग
- जिला चिकित्सालय में विशेषज्ञों ने बताई दवाओं के सीमित उपयोग की अहमियत
मंडला महावीर न्यूज 29. जिला चिकित्सालय मंडला में एंटीबायोटिक अवेयरनेस वीक का शुभारंभ उल्लास और जागरूकता के संकल्प के साथ किया गया। इस वर्ष की थीम ब्लू फॉर अवेयरनेस रखी गई है। इसके तहत चिकित्सक, नर्सिंग स्टाफ, पैरामेडिकल और उपस्थित अधिकारियों ने नीले रंग की ड्रेस पहनकर और नीली लाइट जलाकर आमजन को जागरूकता का संदेश दिया।
सप्ताह की शुरुआत संस्था द्वारा निर्धारित कार्ययोजना के अनुसार की गई। इस दौरान अस्पताल की नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई शिशु रोग वार्ड और मैटरनिटी विंग में प्रिस्क्रिप्शन ऑडिट किया गया। ऑडिट के आधार पर दवाओं के उपयोग में आवश्यक सुधार हेतु तत्काल एक्शन प्लान भी तैयार किया गया।
विशेषज्ञों की सलाह, वायरल में बेअसर हैं एंटीबायोटिक
कार्यक्रम में सिविल सर्जन डॉ. विजय सिंह धुर्वे ने सभी चिकित्सकों से एंटीबायोटिक दवाओं के सीमित और तर्कसंगत उपयोग का आग्रह किया। वहीं आरएमओ डॉ. प्रवीण उईके ने महत्वपूर्ण जानकारी देते हुए बताया कि सर्दी, खांसी और जुकाम जैसे वायरल संक्रमणों में एंटीबायोटिक का उपयोग नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि अनावश्यक उपयोग से भविष्य में इन दवाओं का प्रभाव शरीर पर कम हो जाता है। डॉ. मोहसिन मंसूरी और डॉ. दिव्येश पटेल ने भी नागरिकों से अपील की है कि बिना चिकित्सकीय परामर्श के एंटीबायोटिक लेने से बचें।
नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को दिया प्रशिक्षण
जागरूकता सप्ताह के अंतर्गत जिला क्वालिटी टीम की ओर से डॉ. शिवम पटेल, सहायक प्रबंधक अजय सिंह सैयाम और क्वालिटी मॉनिटर शरद मेश्राम ने क्लिनिकल, नर्सिंग और पैरामेडिकल स्टाफ को विशेष प्रशिक्षण दिया। इस अवसर पर विभिन्न वक्ताओं ने एंटीबायोटिक जीवन रक्षक हैं, इनका सही उपयोग हम सबकी जिम्मेदारी है, विषय पर अपने विचार रखे और स्वास्थ्य सुरक्षा का संकल्प लिया।











