3 माह से वेतन बंद, 9 माह से प्रोत्साहन राशि अटकी

स्वास्थ्य तंत्र पर संकट

  • वेतन, प्रोत्साहन राशि नहीं मिलने पर मंडला में 250 सीएचओ का महाआक्रोश
  • 3 माह से वेतन बंद, 9 माह से प्रोत्साहन राशि अटकी
  • सीएचओ ने सीएमएचओ और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन
  • मंडला में सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारियों का महा-आक्रोश

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के स्वास्थ्य तंत्र में इन दिनों भारी उथल-पुथल मची हुई है। गुरूवार को जिले के 9 ब्लॉकों से लगभग 250 सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी अपनी लंबित मांगों को लेकर भारी संख्या में जिला मुख्यालय पहुँचे। संयुक्त सामुदायिक अधिकारी संगठन की अगुवाई में सभी सीएचओ ने सीएमएचओ और कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। अधिकारियों का महा-आक्रोश लगातार तीन माह से वेतन का भुगतान न होने और नौ माह से कार्य आधारित प्रोत्साहन राशि अटके रहने के कारण बढ़ा है।सीएचओ ने बताया कि विभाग की लापरवाही के कारण उनका लगातार 3 माह का वेतन, 9 माह की प्रोत्साहन राशि और 2 वर्ष से अनाबद्ध राशि लंबित है। इस गंभीर आर्थिक संकट ने कई अधिकारियों को कर्ज, पारिवारिक दबाव और मानसिक तनाव की स्थिति में पहुँचा दिया है। जिलाध्यक्ष डॉ. महेंद्र बुंदेला ने कहा कि सार्थक पोर्टल में तकनीकी समस्याओं के कारण भी कई अधिकारियों की सैलरी बिना किसी गलती के रोक दी गई है। वे जनता के स्वास्थ्य के लिए दिन-रात फील्ड में रहते हैं, लेकिन उन्हें उनका बेसिक वेतन भी समय पर नहीं मिल रहा।

ग्रामीण स्वास्थ्य सेवाओं पर सीधा असर 

बताया गया कि सीएचओ ग्रामीण इलाकों में टीकाकरण, मातृ-शिशु स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण और जन-जागरूकता अभियानों की रीढ़ माने जाते हैं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि लंबित राशियों का भुगतान तुरंत नहीं हुआ, तो इन ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं की गति बुरी तरह प्रभावित हो सकती है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि सभी रुकी हुई सैलरी और 9 माह की प्रोत्साहन राशि का अविलंब भुगतान किया जाए और सार्थक पोर्टल की तकनीकी समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।


 

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