जंगली हाथियों ने फेन अभयारण्य कैंप को पहुंचाया नुकसान
- धान की फसलें रौंदी, वन विभाग की संयुक्त टीम कर रही निगरानी
- छत्तीसगढ़ के रास्ते मंडला में फिर दाखिल हुआ हाथियों का झुंड
- वन विभाग ने जारी की चेतावनी
मंडला महावीर न्यूज 29. छत्तीसगढ़ से आया जंगली हाथियों का एक झुंड एक बार फिर मंडला जिले में प्रवेश कर गया है। यह झुंड डिंडौरी और छत्तीसगढ़ की सीमा से होते हुए जिले में दाखिल हुआ है, जिसके कारण वन विभाग और आसपास के ग्रामीणों में सतर्कता बढ़ा दी गई है। वन विभाग से मिली जानकारी अनुसार हाथियों का यह झुंड डिंडौरी जिले के समनापुर वन क्षेत्र से मंडला की सीमा में दाखिल हुआ।
बताया गया कि जंगली हाथियों ने पंडरीपानी, सखजर और धनवाही के रास्ते फेन अभयारण्य के जंगलों तक का सफर तय किया। गुरुवार को साजलगान और संभार धसान के पास हाथियों की गतिविधियों को दर्ज किया गया। जंगली हाथियों के एक झुंड ने फेन अभयारण्य के एक अस्थायी कैंप को भी नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कैंप में रखे अनाज को खाने के प्रयास में तोडफ़ोड़ की।
झुंड ने किया फसलों का नुकसान
बताया गया कि झुंड में कई हाथी शामिल हैं। गुरुवार शाम को इनकी लोकेशन मवई और मोतीनाला रेंज के बीच छतरताल और औरई के आसपास दर्ज की गई थी, और इनका मूवमेंट मवई रेंज की ओर जारी है। शुक्रवार सुबह मवई के परसेल क्षेत्र से खेतों में लगी धान की फसल को नुकसान पहुंचाने की खबरें भी मिली हैं।
वन विभाग की संयुक्त टीम निगरानी में जुटी
जंगली हाथियों की इस मौजूदगी को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के ग्रामीण इलाकों में मुनादी करा दी है, जिससे लोग सतर्क रहें और जंगल की ओर जाने से बचें। वन विभाग की टीमें लगातार हाथियों की लोकेशन पर नजर बनाए हुए हैं। फेन अभयारण्य, मवई और मोतीनाला रेंज की एक संयुक्त टीम हाथियों की गतिविधियों की सघन निगरानी कर रही है।
वन विभाग ने ग्रामीणों से की अपील
वन विभाग ने जंगली हाथियों के झुंड से सुरक्षा की दृष्टि से ग्रामीणों से सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने ग्रामीणों से कहां कि वे रात के समय जंगल या खेत की ओर न जाएं। खेतों में बने मचान पर न सोएं। घर या आंगन में महुआ, धान, खली या अन्य खाद्य सामग्री खुली न रखें। हाथियों के दिखने या आवाज सुनाई देने पर तुरंत वन विभाग को सूचना दें। भीड़ एकत्रित न करें और हाथियों के पास जाने का प्रयास न करें।












