जंगली कीट के काटने से चरवाहे की मौत

जंगली कीट के काटने से चरवाहे की मौत, क्षेत्र में दहशत का माहौल

  • बबलिया के समीप ग्राम छपरा निवासी रतीराम बैगा की इलाज के दौरान मृत्यु
  • जंगली कीट के भय से थमा धान कटाई और पशु चराई का काम

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के बबलिया के समीपस्थ ग्राम छपरा, नए टोला में जंगली विषैले कीट के काटने से एक व्यक्ति की दु:खद मृत्यु हो गई है। इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में जंगली जीवों के खतरे और दहशत का माहौल बन गया है। बताया गया कि ग्राम छपरा नए टोला निवासी रतीराम पिता अमरू बैगा 40 वर्ष विगत दिवस 3 नवंबर को अपनी गाय-भैंस चराने के लिए जंगल गया था। वहीं उसे किसी बड़े भुगरा ने काट लिया। जिसके बाद परिजनों ने उसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र नारायणगंज में भर्ती कराया गया, लेकिन आराम न मिलने पर मंगलवार को उन्हें मंडला के एक प्राईवेट अस्पताल लेकर आए, लेकिन इलाज के दौरान बुधवार को रतीराम की मृत्यु हो गई। बताया गया कि रतीराम का शव परीक्षण मंडला अस्पताल में किया गया। इसके बाद गुरुवार को उनके गृह ग्राम छपरा में रीति-रिवाज के अनुसार उनका दाह संस्कार कर दिया गया।बताया गया कि इस घटना के बाद पूरे क्षेत्र में भुगरा के काटने का भय व्याप्त है। जनचर्चा में यह बात सामने आ रही है कि इस भय के कारण ग्रामीण धान की कटाई के लिए खेतों में जाने से डर रहे हैं, वहीं चरवाहे भी अब जंगल में पशु चराने जाने से कतरा रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि इस जंगली खतरे की पहचान कर इसकी रोकथाम के लिए उचित उपाय किए जाएं, जिससे किसानों और चरवाहों का सामान्य काम बहाल हो सके।


 

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