रमतिला की दीदियों ने गोबर से बनाए 10 हजार इको फ्रेंडली दीपक
- दीपावली पर हर घर में होगा गौमाता का आशीर्वाद, मंडला के स्व-सहायता समूह की अनूठी पहल
- गौमाता के गोबर से घर-आंगन सजाने की तैयारी, समूह को मिलेगी अतिरिक्त आय
मंडला महावीर न्यूज 29. दीपावली के पर्व पर इस बार लोगों के घर-आंगन गौमाता के गोबर से बने आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल दीपकों से रोशन होंगे। सीईओ शाश्वत सिंह मीना के मार्गदर्शन में जिला ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत विकासखंड बीजाडांडी के ग्राम रमतिला में स्व-सहायता समूह की महिलाएं इन दीपकों को तैयार कर आत्मनिर्भरता की दिशा में एक नई मिसाल पेश कर रही हैं।
जानकारी अनुसार सरस्वती आजीविका स्व-सहायता समूह की महिलाएं विगत एक माह से गौमाता के पवित्र गोबर से रंग-बिरंगे और आकर्षक दीपक बनाने के काम में जुटी हुई हैं। दीपावली पर इको फ्रेंडली दीपों की बढ़ती मांग को देखते हुए समूह की दीदियों ने इस बार दस हजार दीपक बनाने का लक्ष्य रखा है। ये सभी दीपक बाजार में बिक्री के लिए तैयार किए जा रहे हैं, जिससे समूह की महिलाओं को अतिरिक्त आमदनी का महत्वपूर्ण अवसर मिलेगा।
विकासखंड प्रबंधक साहेब लाल सूर्यवंशी ने बताया कि यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त करने और महिलाओं को आजीविका से जोडऩे के उद्देश्य से की जा रही है। उन्होंने बताया कि इस कार्य में उन्हें विकासखंड इकाई से नजमुल हक, मनमोहन अहिरवार, गिरजा देवी केवट सहायक विकासखंड प्रबंधक, पवन तिवारी ईडीआई और प्रेम मरावी सहित पूरी टीम का सक्रिय सहयोग मिल रहा है। स्व-सहायता समूह की यह पहल ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण दोनों के लिए एक प्रेरणादायी मार्ग प्रशस्त कर रही है, जिससे इस दीपावली पर हर घर सच्चे अर्थों में गौमाता के आशीर्वाद से रोशन होगा। यह पहल ग्रामीण विकास और पर्यावरण संरक्षण का एक सुंदर उदाहरण है।










