इनर व्हील क्लब ने सिखाया कचरे का सदुपयोग
- फूलों से धूपबत्ती और किचन वेस्ट से वर्मी कम्पोस्ट बनाने की दी ट्रेनिंग
मंडला महावीर न्यूज 29. इनर व्हील क्लब द्वारा क्लब अध्यक्ष श्रद्धा तपा की अध्यक्षता में एक सेमिनार का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को पर्यावरण संरक्षण और आत्मनिर्भरता की दिशा में जागरूक करना था। सेमिनार में क्लब सदस्य संजुलता सिंगौर ने मंदिरों के फूलों और गाय के गोबर से धूपबत्ती बनाने की विधि के साथ-साथ किचन के कचरे से वर्मी कम्पोस्ट बनाने की प्रक्रिया को विस्तार से समझाया।
संजुलता सिंगौर ने बताया कि अक्सर मंदिरों में चढ़ाए गए फूल बेकार समझकर फेंक दिए जाते हैं, जिससे न केवल गंदगी और दुर्गंध फैलती है, बल्कि यह स्वास्थ्य के लिए भी हानिकारक होता है। उन्होंने बताया कि इन फूलों का उपयोग देसी गाय के गोबर, कपूर, लाल चंदन पाउडर, घी, लोहबान, गुड़ और गंगाजल के साथ मिलाकर प्राकृतिक धूपबत्ती बनाने में किया जा सकता है। यह धूपबत्ती किसी भी रासायनिक पदार्थ से मुक्त होती है और इसे जलाने से वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
इसके साथ ही उन्होंने किचन से निकलने वाले कचरे को वर्मी कम्पोस्ट में बदलने का तरीका भी सिखाया। यह खाद पूरी तरह से पर्यावरण हितैषी होती है और खेतों व बगीचों के लिए बेहद फायदेमंद है। संजुलता सिंगौर ने कहा कि ये दोनों नवाचार न केवल पर्यावरण संरक्षण में मदद करेंगे, बल्कि महिलाओं को स्वरोजगार के अवसर भी प्रदान करेंगे। इससे पैसों की बचत होगी, महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और प्रधानमंत्री के आत्मनिर्भर भारत के सपने को साकार करने में भी मदद मिलेगी।
इस अवसर पर क्लब के सदस्य उपस्थित रहीं, जिनमें सचिव सुनीता पमनानी, प्रिया पमनानी, आरती बृजपुरिया, किरण पबनानी, संजुलता सिंगार, रिया तपा, मोना जैन, कमला बानी, संध्या शिवहरे, अनीता राय, सरिता इसरानी, अनीता अग्रवाल, तृप्ति गोयल, आशा चौधरी, निहारिका ऊइके, सीमा ज्योत्षी, अंजु मरावी, त्रिवेणी पटेल, दीपा खंडेलवाल और गीता कालपीबार शामिल रही।









