सुहागन महिलाओं ने कर ली हरतालिका तीज की तैयारी
- मनचाहे वर के लिए कुंवारी कन्याएं रखेंगी व्रत
- नए वस्त्र, आभूषण और पूजा सामग्री की हो गई खरीदी
मंडला महावीर न्यूज 29. सनातन धर्म में अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु और समृद्धि की कामना के लिए सुहागन महिलाएं हरितालिका तीज का व्रत रखती हैं। महिलाओं ने तीज व्रत के लिए तैयारियां कर ली है। पति की लंबी उम्र और कन्या सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए तीज का व्रत रखती हैं। नए परिधानों से सुसज्जित होकर सोलह सिंगार करके इस व्रत को महिलाएं रखती हैं। हाथों में पूजा की थाली और कलश लेकर विधिवत पूजा अर्चना करके पति की दीर्घायु के लिए कामना करती हैं। पूजा की थाली सजाने की तैयारी की जा रही है। इसको लेकर नवविवाहिता महिलाएं बहुत उत्साहित हैं। महिलाओं ने अपने-अपने तरीके से तैयारियां पूरी कर ली हैं। तीज पर्व के लिए खरीददारी भी कर ली गई है, वहीं कुछ महिलाएं आज तीज के दिन भी खरीददारी करेंगी। जिसमें महिलाएं साड़ी और साड़ी मैचिंग की ज्वैलरी, पूजा की थाली का डेकोरेशन कर रही है।
जानकारी अनुसार हरितालिका तीज को लेकर बाजारों में रौनक बढ़ गई है। सुहागिन महिलाओं ने अभी से व्रत के लिए नए वस्त्र, आभूषण और पूजा सामग्री आदि की खरीदारी कर ली है। बहू-बेटियों के घर भी तीज की सामग्री भेजी गई है। इस बार आज 26 अगस्त को हरितालिका तीज का व्रत है।
बहन के घर भेजा तीज
हिन्दू धर्म परंपराओं से भरा हुआ है। पर्व पर मायके से बेटी के घर यानी ससुराल में तीज भेजने की भी परंपरा है। किरण बरमैया ने बताया कि पहले ही छोटी बहन के यहां तीज की तैयारी करके भेज दिया है। जिसके लिए खरीदारी की थी। तीज में सुहाग से जुड़े सभी सामान, वस्त्र व मिठाई भेजी जाती है। उन्होंने बताया कि तीज पर्व को लेकर इस बार ज्यादा उत्साह है।
सोलह श्रृंगार कर करेंगी मां पार्वती का पूजन
पंडित नीलू महाराज ने बताया कि तीज के दिन महिलाएं 16 श्रृंगार कर अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। व्रती महिलाएं रात में चार पहर की आरती, हवन, पूजन कर माता पार्वती को सुहाग की सामग्री अर्पित कर पूरे परिवार की कुशलता की प्रार्थना करती हैं।
हरितालिका तीज-भद्रा का साया नहीं, दिनभर रहेगा हस्त नक्षत्र शुभ संयोग
हरितालिका व्रत हिंदू महिलाओं का एक महत्वपूर्ण व्रत होता है, जिसे मातृ शक्तियां अखंड सौभाग्यवती होने और मनोनुकूल पति प्राप्त करने के लिए रखती हैं, यह व्रत निर्जला व्रत होता है जो भाद्र शुक्ल पक्ष तृतीया को रखा जाता है।
इस बार तृतीया तिथि सोमवार को 11.28 बजे दिन से प्रारम्भ हुई है जो मंगलवार को 12.29 बजे दिन तक रहेगी और पूरे दिन हस्त नक्षत्र रहेगा, हस्त नक्षत्र युक्त तृतीया बहुत शुभ मानी जाती है अत: उदया तिथि के सिद्धांत से हरितालिका व्रत सार्वभौमिक रुप से मंगलवार तारीख को अमृत योग 1.41 बजे तक रहेगा। वरदान आश्रम के यज्ञाचार्य पं नीलू महाराज ने बताया कि इस वर्ष हरितालिका तीज पर्व पर भद्रा का साया नहीं है। अत: दिन के 12.29 बजे तक भगवान शिव और माता पार्वती की प्राण प्रतिष्ठा कर ले।
इनका कहना है
पति की पसंदीदा साड़ी पहन रखूंगी व्रत
तीज व्रत की तैयारी हम लोगों ने कर ली है। जिसमें पति के लिए हाथों में मेहंदी लगाऊंगी। उस दिन उनकी पसंदीदा साड़ी पहनूंगी और सोलह श्रृंगार करके इस व्रत को पूरा करूंगी। पूजा की थाली को भी सुंदर रूप से सजा रही हूं। अन्य सामानों की रूपरेखा तैयार कर उसके लिए प्लानिंग कर ली हूं।
पर्व को यादगार बनाने की तैयारी
पति की लंबी उम्र और खुशहाली के लिए कामना करूंगी। तीज की तैयारी के लिए काफी उत्साहित हूं। सोलह श्रृंगार, चूड़ी, बिंदी, बिछिया, कुमकुम, मेहंदी की तैयारी कर ली है। इसके अलावा आज तीज के दिन के लिए और भी तैयारी कर रही हूं। पारंपरिक परिधानों के साथ इस व्रत को यादगार बनाऊंगी।
भारतीय संस्कृति का हिस्सा है तीज
मेरे मन में इस व्रत को लेकर बहुत ही खुशी है कि पति की लंबी उम्र के लिए और परिवार में खुशहाली के लिए कामना करूंगी। व्रत में सोलह श्रृंगार एवं पारंपरिक वेशभूषा के साथ तैयारी करके विधिवत पूजन अर्चन करूंगी। हमारी भारतीय संस्कृति में इस व्रत का बहुत महत्व है। इस व्रत की तैयारी कर ली है।

माधुरी कछवाहा, मंडला
शादी के पहले से कर रहे व्रत
शादी के पहले भी मैं तीजा व्रत रखती थी। तीजा व्रत बहुत ही खास है। अपने पति की दीर्घायु और उनकी सभी मनोकामनाओ की पूर्ति के लिए मैं यह व्रत रखती हूं। तीजा की तैयारियां मैंने पहले से शुरू कर दी थी। पारंपरिक परिधानों के साथ सोलह श्रंृगार और संबंधित सामानों की सूची तैयार कर ली हूं।













