नर्मदा तट में संपन्न हुआ झूलेलाल चालीसा महोत्सव

नर्मदा तट में संपन्न हुआ झूलेलाल चालीसा महोत्सव

  • बैंड-बाजे के साथ निकली कलश यात्रा
  • बहिराणा साहिब का पूजन और विशाल भंडारे के साथ उत्सव संपन्न

मंडला महावीर न्यूज 29. प्रति वर्ष की तरह इस वर्ष भी श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव का धूमधाम से मनाया गया। यह 40 दिवसीय धार्मिक आयोजन 16 जुलाई को शुरू हुआ था और शुक्रवार को चालीस दिन पूरे होने पर इसका भव्य समापन रविवार को किया गया। इस महोत्सव के दौरान हर शुक्रवार को महाआरती, सांस्कृतिक कार्यक्रम, छप्पन भोग और अन्य धार्मिक आयोजन हुए जो श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र रहा।

बताया गया कि महोत्सव के समापन अवसर पर सभी भक्तों ने हवन-पूजन किया, जिन्होंने 40 दिनों का व्रत रखा था, उनके द्वारा द्वारा हवन, पूजन किया एवं आहूति दी। इसके बाद भगवान श्री झूलेलाल की विशेष आरती की गई और चालीसा अखंड ज्योति के दर्शन हुआ। समारोह में बहिराणा साहिब का भी विधि-विधान से पूजन किया गया।

विशेष ड्रेस कोड में कलश यात्रा के साथ निकली शोभायात्रा 

समापन समारोह का मुख्य आकर्षण कलश यात्रा थी, जिसमें धर्मप्रेमी महिलाएं विशेष रूप से सफेद कुर्ता और लाल दुपट्टे की वेशभूषा में नजर आईं। बैंड-बाजे के साथ निकली इस कलश यात्रा और बहिराणा साहिब की शोभायात्रा ने पूरे वातावरण को भक्तिमय बना दिया। कलाकारों ने मनमोहक प्रस्तुतियां दीं और महिलाओं ने गरबा-डांडिया नृत्य कर शोभायात्रा की शोभा बढ़ाई।

महाआरती और भंडारे के साथ हुआ समापन 

कलश यात्रा अंबेडकर वार्ड स्थित श्री झूलेलाल मंदिर से शुरू हुई और पड़ाव, चिलमन चौक, बड़ चौराहा, उदय चौक होते हुए रंगरेज घाट में मां नर्मदा के पवित्र तट पर पहुंची। यहां मां नर्मदा की आरती, पूजा, अरदास और पल्लव पूजा के साथ यात्रा का समापन हुआ। इसके बाद श्रद्धालु वापस मंदिर लौटकर महाआरती में शामिल हुए। इस भव्य आयोजन में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हिस्सा लिया। सभी भक्तों के लिए विशाल आम लंगर की व्यवस्था की गई थी, जहाँ सभी ने महाप्रसादी ग्रहण की। इसके साथ ही श्री झूलेलाल चालीसा महोत्सव का समापन हुआ।



 

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