अंधे कत्ल का 24 घंटे में खुलासा, आपसी विवाद के बाद दोस्त ने ही की थी हत्या
- महाराजपुर पुलिस ने किया आरोपी को गिरफ्तार
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के महाराजपुर थाना पुलिस ने एक अंधे कत्ल की गुत्थी को 24 घंटे के भीतर सुलझाते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। बताया गया कि मृतक और आरोपी के बीच शराब के नशे में हुए विवाद के बाद हत्या को अंजाम दिया गया था। जानकारी अनुसार विगत दिवस 21 अगस्त को महाराजपुर थाना क्षेत्र के बेरटोला गाँव में एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने की सूचना पुलिस को मिली थी। मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने जांच शुरू की और साक्ष्यों के आधार पर मृतक की पहचान मंडला जिले के मोहगाँव थाना अंतर्गत ग्राम सिंगारपुर निवासी गरीबा नंदा के रूप में की। मृतक के बेटे की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जाँच शुरू कर दी
आरोपी की गिरफ्तारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मंडला और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस मंडला के निर्देश पर थाना प्रभारी महाराजपुर के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया गया। जाँच के दौरान पुलिस को बेरटोला गाँव के ग्रामीणों से 21 अगस्त की सुबह एक संदिग्ध व्यक्ति को देखे जाने की जानकारी मिली। पुलिस टीम ने संदिग्ध व्यक्ति का हुलिया मिलते ही घेराबंदी कर उसे धर दबोचा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम राजेंद्र पिता सुमरन परते, 26 वर्ष, निवासी ग्राम चिनगा, थाना किदरई, जिला सिवनी बताया।
ऐसे हुआ हत्या का खुलासा
पुलिस की कड़ी पूछताछ में आरोपी राजेंद्र ने बताया कि उसकी मुलाकात मृतक गरीबा से मंडला बस स्टैंड पर हुई थी। पहली मुलाकात में ही दोनों ने बेरटोला चलकर रात गुजारने का फैसला किया। रास्ते में मालीमोहगाँव और बेरटोला के बीच बहिलयाटोला तिराहे पर दोनों ने शराब पी और बेरटोला गाँव के एक चबूतरे पर सो गए। अगली सुबह दोनों फिर मुरुम खदान गए और कच्ची शराब पी। इसी दौरान बातों-बातों में उनके बीच विवाद शुरू हो गया। विवाद बढऩे पर आरोपी राजेंद्र ने लकड़ी से गरीबा के सिर पर वार कर दिया। जब गरीबा जमीन पर गिर गया, तब आरोपी ने एक बड़ा पत्थर उठाकर उसके सिर पर पटक दिया, जिससे गरीबा की मौके पर ही मौत हो गई।
इनकी रही विशेष भूमिका
इस मामले को सुलझाने में अनुविभागीय अधिकारी पुलिस पीयूष मिश्रा, थाना प्रभारी महाराजपुर निरीक्षक डॉ. जयसिंह यादव, उपनिरीक्षक लक्ष्मीचंद बिसेन, योगेन्द्र सिंह चौहान, भीमराव मेश्राम, आरक्षक अमित गरयार, ओमप्रकाश बघेल, शिवा नाविक, चालक विष्नु जंभारे, धन्नू वाटव और केशव समेत पूरी थाना टीम की अहम भूमिका रही।









