विवाह से पहले सिकल सेल कार्ड का करें मिलान-राज्यपाल
मंडला में कार्यशाला, सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए जनभागीदारी पर दिया जोर, 2047 तक भारत को रोगमुक्त बनाने का लक्ष्य
- सिकल सेल एनीमिया के उन्मूलन के लिए सक्रिय जनभागीदारी आवश्यक है – राज्यपाल श्री पटेल
- मंडला में परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन का एक दिवसीय कार्यशाला में हुए शामिल
मंडला महावीर न्यूज 29. राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने मंडला के ग्राम सेमरखापा में सिकल सेल एनीमिया के प्रति जागरूकता का आह्वान करते हुए कहा कि विवाह से पहले लड़के और लड़कियों को अपने सिकल सेल एनीमिया आनुवंशिक कार्ड का मिलान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह एक आनुवंशिक बीमारी है और इसके उन्मूलन के लिए व्यापक जनभागीदारी और जागरूकता बेहद जरूरी है। ग्राम सेमरखापा एकलव्य आदर्श विद्यालय ऑडीटोरियम में परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन पर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने एकलव्य आदर्श विद्यालय ऑडिटोरियम में आयोजित परंपरागत चिकित्सा का स्वास्थ्य संवर्धन में योगदान एवं सिकल सेल एनीमिया प्रबंधन विषय पर एक दिवसीय कार्यशाला को संबोधित करते हुए कहां कि केंद्र सरकार ने वर्ष 2047 तक भारत को सिकल सेल एनीमिया मुक्त करने का लक्ष्य रखा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में 2023 से शहडोल जिले से इस अभियान की शुरुआत हुई थी। तब से अब तक देशभर में 7 करोड़ लोगों की जांच की जा चुकी है, जिनमें से अकेले मध्य प्रदेश में 1.14 करोड़ लोगों की जांच हुई है। इसमें 2 लाख 13 हजार 470 लोग सिकल सेल के संवाहक तथा 31 हजार 203 मरीज मिले हैं। उन्होंने कहा कि इस बीमारी का जितनी जल्दी पता चलेगा, उसे नियंत्रित करना उतना ही आसान होगा।
डी मार्ट की तर्ज पर ट्राइबल मार्ट बनेगा
कार्यशाला में मौजूद जनजातीय कार्य मंत्री डॉ. विजय शाह ने राज्यपाल के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके सतत प्रयासों से ही यह बीमारी लोगों की जानकारी में आई है। उन्होंने बताया कि मंडला में डी-मार्ट की तर्ज पर ट्राइबल मार्ट बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और उन्हें बाजार से 25-30 प्रतिशत कम कीमत पर उत्पाद मिल सकेंगे।
आयुर्वेद रिसर्च सेंटर खोलने की मंजूरी
जल संसाधन मंत्री संपतिया उइके ने कहा कि प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री के मार्गदर्शन में जनजातीय क्षेत्रों में सुविधाओं को बेहतर बनाने का काम चल रहा है। उन्होंने भारतीय आयुर्वेद के महत्व पर जोर दिया और बताया कि मंडला जिले में आयुर्वेद अनुसंधान केंद्र खोलने की बात भी चल रही है। आयुष मंत्री इंदरसिंह परमार ने बताया कि कार्यशाला का उद्देश्य परंपरागत वैद्यों और आधुनिक चिकित्सकों के ज्ञान को मिलाकर सिकल सेल उन्मूलन के लिए एक प्रभावी रणनीति तैयार करना है। उन्होंने कहा कि भारत सरकार ने बालाघाट में आयुर्वेद रिसर्च सेंटर खोलने की भी मंजूरी दी है।
पीडि़त बच्चों ने अपने अनुभव किये साझा
कार्यशाला में राज्यपाल और अन्य अतिथियों ने मिशन नेत्र ज्योति के तहत चश्मा, सिकल सेल दिव्यांगता प्रमाण पत्र, आयुष्मान कार्ड, पोषण किट और विधवा पेंशन कार्ड का वितरण किया। इस अवसर पर कुछ सिकल सेल से पीडि़त बच्चों ने भी अपने अनुभव साझा किए और बताया कि आयुर्वेद उपचार से उनके स्वास्थ्य में सुधार हुआ है। राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा कि नर सेवा ही नारायण सेवा है। उन्होंने गुजरात से आए अतुल देसाई और उनके परिवार के सिकल सेल उन्मूलन में योगदान की भी सराहना की।
कार्यक्रम के प्रारंभ एवं अंत में राष्ट्रगान का गायन किया गया। कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने स्मृतिचिन्ह स्वरूप राज्यपाल मंगुभाई पटेल को गोंडी पेंटिंग भेंट की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय आयुर्वेद महासम्मेलन के प्रतिनिधि, नगरपालिका अध्यक्ष विनोद कछवाहा, प्रफुल्ल मिश्रा, जयदत्त झा, संभाग आयुक्त धनंजय सिंह, आईजी बालाघाट संजय सिंह, डीआईजी बालाघाट मुकेश कुमार श्रीवास्तव, कलेक्टर सोमेश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा सहित अन्य संबंधित अधिकारी, परंपरागत वैद्य, बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक मौजूद थे।










