लोक सेवा केंद्र बना जर्जर, छत टूटने की कगार पर, हादसे का अंदेशा

लोक सेवा केंद्र बना जर्जर, छत टूटने की कगार पर, हादसे का अंदेशा

  • जनप्रतिनिधियों और विभाग की अनदेखी से सैकड़ों लोग जान जोखिम में डाल कर रहे काम

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले का बीजाडांडी लोक सेवा केंद्र इस समय अपनी जर्जर हालत के कारण किसी बड़ी दुर्घटना को आमंत्रण दे रहा है। भवन की छत से लगातार पानी टपक रहा है, दीवारें सीलन से भर चुकी हैं और छत के कुछ हिस्से टूटकर गिरने की कगार पर हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस बदहाल भवन में रोजाना सैंकड़ों की संख्या में लोग आधार कार्ड अपडेट, जाति-निवास, आय प्रमाण पत्र जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए आते हैं। यहाँ काम कर रहे स्थानीय कर्मचारियों और आम नागरिकों को जान जोखिम में डालकर अपना कार्य करना पड़ रहा है।

बताया गया कि छत से टपकते पानी के बीच महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संभालना और कम्प्यूटर पर काम करना उनकी रोजमर्रा की चुनौती बन गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि वे कई बार जनप्रतिनिधियों और संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस गंभीर विषय में जानकारी दे चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। लोगों का आरोप है कि हर साल भवन की मरम्मत और पुताई के लिए बजट स्वीकृत होता है, लेकिन उस राशि का सदुपयोग नहीं किया जा रहा है। इससे यह संदेह गहराता है कि कहीं यह स्वीकृत राशि गबन तो नहीं हो रही है।

शौचालयों की भी स्थिति दयनीय 

लोक सेवा केंद्र के शौचालयों की स्थिति भी बेहद खराब और अस्वच्छ है। गंदगी इतनी ज्यादा है कि बदबू परिसर के बाहर तक महसूस होती है, जिससे यहाँ आने वाले लोग और कर्मचारी परेशान रहते हैं। शौचालयों में पानी तक की समुचित व्यवस्था नहीं है। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्या इस केंद्र में एक साधारण सफाईकर्मी की नियुक्ति भी नहीं की जा सकती, शौचालयों की यह स्थिति स्वच्छता अभियान की धज्जियाँ उड़ाती नजर आ रही है।

जांच कर कार्रवाई की मांग 

बीजाडांडी की जनता ने उच्च अधिकारियों से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जाँच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते भवन की मरम्मत और उचित रखरखाव नहीं किया गया, तो किसी भी दिन कोई बड़ी दुर्घटना घट सकती है। ऐसी किसी भी अनहोनी की स्थिति में इसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों की होगी। स्थानीय नागरिक आक्रोशित है। स्थानीयजनों का कहना है कि स्थानीय प्रशासन और प्रशासन किसी हादसे का इंतजार कर रहा है, जिसके बाद इस जर्जर भवन का सुधार कार्य किया जाएगा। यह मामला सिर्फ बीजाडांडी का नहीं बल्कि उन सभी ग्रामीण क्षेत्रों का है, जहाँ सरकारी भवन अपनी दुर्दशा पर आँसू बहा रहे हैं और आम जनता को जोखिम उठाना पड़ रहा है। इस मामले में तत्काल ध्यान देने और सुधारात्मक कदम उठाने की आवश्यकता है जिससे नागरिकों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण में सरकारी सेवाएँ मिल सकें।


 

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