उच्च जोखिम वाले नवजात, शिशुओं को किया जाएगा चिन्हित

उच्च जोखिम वाले नवजात, शिशुओं को किया जाएगा चिन्हित

  • मंडला में दस्तक सह स्टॉप डायरिया अभियान की प्रेस वार्ता संपन्न
  • 22 जुलाई से 16 सितंबर तक चलेगा दस्तक अभियान

मंडला महावीर न्यूज 29. दस्तक अभियान के प्रथम चरण सह स्टॉप डायरिया कैंपेन 2025 के तहत एक जिला स्तरीय मीडिया कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में बताया गया कि यह अभियान आज 22 जुलाई को शुरू होगा और 16 सितंबर तक चलेगा। इसे शिक्षा, महिला बाल विकास विभाग और स्वास्थ्य विभाग के समन्वय से संचालित किया जाएगा। दस्तक दल जिसमें एएनएम, आंगनवाड़ी और आशा कार्यकर्ता और सीएचओ शामिल होंगे, जो प्रत्येक वीएचएनडी दिवस पर महत्वपूर्ण सेवाएँ प्रदान करेंगे।

सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती ने जानकारी देते हुए कहां कि इन सेवाओं में 5 वर्ष से कम उम्र के गंभीर कुपोषित बच्चों की पहचान, रेफरल और प्रबंधन शामिल है। इसके साथ ही उच्च जोखिम वाले नवजात और शिशुओं का चिन्हांकन व रेफरल भी किया जाएगा। अभियान के दौरान 6 माह से 5 वर्ष तक के बच्चों में डिजिटल हीमोग्लोबीनोमीटर द्वारा एनीमिया की जांच की जाएगी और प्रोटोकॉल आधारित प्रबंधन प्रदान किया जाएगा। 9 माह से 5 वर्ष तक के सभी बच्चों को आयु अनुरूप विटामिन ए अनुपूरण दिया जाएगा।

दस्तक दल द्वारा निमोनिया और डायरिया की त्वरित पहचान, प्रबंधन और रेफरल पर भी ध्यान केंद्रित किया जाएगा। 5 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में दस्त रोग नियंत्रण के लिए ओआरएस और जिंक टैबलेट की को-पैकेजिंग प्रदान की जाएगी। इसके उपयोग के लिए सामुदायिक जागरूकता बढ़ाई जाएगी। समुदाय को उचित शिशु एवं बाल आहारपूर्ति संबंधी समझाइश भी दी जाएगी। आयोजित कार्यशाला में प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया, सीएमएचओ मंडला, जिला स्वास्थ्य अधिकारी 1 व 2, जिला टीकाकरण अधिकारी, जिला मीडिया अधिकारी, डिप्टी मीडिया अधिकारी और एनीमिया मुक्त भारत में कार्यरत राज बल्लभ उपस्थित रहे।



 

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