साजपानी में झोलाछाप डॉक्टरों का आतंक, प्रशासन मौन
- ग्रामीण क्षेत्रों में बिना लाइसेंस इलाज जारी
- जानलेवा साबित हो रही लापरवाही
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले के बबलिया के पास साप्ताहिक बाजार साजपानी में नीम हकीम डॉक्टरों का धड़ल्ले से इलाज जारी है। इन झोलाछाप डॉक्टरों की दुकानें बेरोकटोक चल रही हैं, जहाँ खुलेआम इंजेक्शन लगाए जाते हैं। बताया गया कि ये डॉक्टर खुद को बीएमओ बम्हनी के आदेश से इलाज करने का दावा करते हैं, जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में शासकीय डॉक्टरों की उपस्थिति नगण्य है।
ग्रामीणों ने बताया कि बैगा बाहुल्य क्षेत्र साजपानी, डोभा, डोभी, खारी, सालहपानी, तरवानी, धनगाँव और दुपट्टा जैसे इलाकों में लोग इलाज के लिए इन तथाकथित डॉक्टरों पर निर्भर हैं। इनमें बकौरी वाले एक डॉक्टर का नाम विशेष रूप से लिया जा रहा है, जो बीएमओ के आदेश का हवाला देकर ग्रामीणों का इलाज कर रहे हैं। बताया गया कि जिले में झोलाछाप डॉक्टरों के कारण कई घटनाएँ घट चुकी हैं, जिनमें मरीजों की जान तक चली गई है। बावजूद इसके मनमाना इलाज जारी है और जिला प्रशासन पूरी तरह से मौन है। गरीब ग्रामीणों से मनमाने दामों पर दवाइयाँ बेची जा रही हैं, जिनकी कोई जाँच नहीं होती। बिना लाइसेंस के डॉक्टर और बिना लाइसेंस की दवा दुकानें निडरता से संचालित हो रही हैं, और प्रशासन इस ओर से आँखें मूँद रहा है।
बताया गया कि अनेक बार इन दवाइयों के रिएक्शन से मौतें हो जाती हैं, जिनका पता भी नहीं चल पाता और ग्रामीण अंचलों में लीपापोती कर ली जाती है। गाँव के अंदर अनेक ऐसे बंगाली डॉक्टर भी अपनी क्लीनिक चला रहे हैं, जिनकी शिकायत ग्रामीणों द्वारा की गई है, लेकिन उच्च चिकित्सा अधिकारियों तक इसकी भनक भी नहीं लगती। आरोप है कि डॉक्टर और बीएमओ की सांठगांठ से झोलाछाप डॉक्टरों की क्लीनिक फल-फूल रही है। बकौरी, खारी, कुडोपानी, साजपानी आदि अनेक स्थानों पर झोलाछाप डॉक्टरों द्वारा चल रहे इस जानलेवा इलाज पर जिला प्रशासन को तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।









