शिशु मृत्यु दर घटाने स्वास्थ्य कर्मचारियों को किया जा रहा प्रशिक्षित
- मंडला में दस्तक अभियान का प्रशिक्षण शुरू
- 0-5 वर्ष के बच्चों को मिलेंगी स्वास्थ्य और पोषण सेवाएं
- 22 जुलाई से समुदाय स्तर पर होगा क्रियान्वयन
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले में बाल एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने और बच्चों को बेहतर स्वास्थ्य व पोषण सेवाएँ प्रदान करने के उद्देश्य से दस्तक अभियान का पहले चरण में डायरिया रोकथाम अभियान के लिए प्रशिक्षण सत्र प्रारंभ हो गया है। सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती ने बताया कि प्रशिक्षण 19 जुलाई तक आयोजित किया जाएगा। जिसमें सभी विकासखंड के स्वास्थ्य कर्मचारियों को इस अभियान के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा।
बताया गया कि आयोजित प्रशिक्षण में जिले के सभी विकासखंडों से एएनएम, एलएचवी और सीएचओ को शामिल किया गया है। यह प्रशिक्षण 10 चरणों में आयोजित किया जा रहा है। प्रशिक्षण के दूसरे दिन दस्तक अभियान से जुड़े सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। जिसमें हाई-रिस्क इन्फेंट मामलों की पहचान और प्रबंधन पर जोर दिया गया। दस्तक अभियान का मुख्य उद्देश्य 5 वर्ष तक के समस्त बच्चों को स्वास्थ्य और पोषण सेवाएँ प्रदान करना है, जिससे बाल्यकालीन बीमारियों की रोकथाम हो सके।
हाई रिक्स बच्चों की हो सकेगी पहचान
जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि अभियान का समुदाय स्तर पर क्रियान्वयन 22 जुलाई से 16 सितंबर के मध्य किया जाएगा। इस दौरान ट्रिपल एसी मंच जिसमें आशा, आंगनवाड़ी, एएनएम, सीएचओ और अन्य विभागों के समन्वय से 0-5 वर्ष के बच्चों की व्यापक कवरेज सुनिश्चित की जाएगी। इसके साथ ही एचआरआई और हाई-रिस्क चाइल्ड की पहचान कर उन्हें आवश्यक उपचार और त्वरित रेफरल सुनिश्चित किया जाएगा।
45 दिन चलेगा अभियान
बताया गया कि अभियान के तहत 5 वर्ष के प्रत्येक बच्चे को दो ओआरएस पैकेट प्रदान किए जाएंगे और 2 माह से ऊपर के बच्चों को 14 दिन की जिंक टैबलेट दी जाएगी। प्रशिक्षण में ओआरएस घोल बनाने की विधि, निर्जलीकरण का वर्गीकरण कर आवश्यक उपचार एवं रेफरल, स्वच्छता के महत्व एवं हाथ धोने की विधि बताई गई। यह अभियान कुल 45 कार्य दिवसों रविवार एवं शासकीय अवकाश को छोड़कर संचालित होगा। वीएचएसएनडी पर अन्य सेवाओं के साथ पूरे दिन दस्तक सेवाएँ प्रदान की जाएंगी। इसके बाद छूटे हुए बच्चों के लिए दस्तक दल द्वारा होम विजिट किया जाएगा।
योजना बनाकर मैदानी स्तर पर होगा कार्य
आरबीएसके प्रबंधक अर्जुन सिंह ने बताया कि अभियान में गंभीर कुपोषण, एनीमिया, दस्त रोग, निर्जलीकरण, निमोनिया एवं अन्य बीमारियों की त्वरित जाँच, उचित प्रबंधन, रेफरल, अन्नपूरन प्रदायगी, परामर्श, प्रदर्शन एवं समुदाय प्रबंधन जैसी सेवाएँ शामिल हैं। प्रशिक्षण प्राप्त कैडर सब हेल्थ सेंटर स्तर पर बैठकें आयोजित करेंगे, जहाँ वे दस्तक अभियान के उद्देश्यों को साझा करेंगे और फील्ड स्तर पर गतिविधियों की सामूहिक रूप से योजना बनाकर समय पर रिपोर्टिंग करेंगे। आयोजित प्रशिक्षण सत्र में सीएमएचओ डॉ. डीजे मोहंती, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. बाईके झरिया, डीपीएचएनओ कमला नंदनवार, आरबीएसके मैनेजर अर्जुन सिंह उपस्थित रहे।













