बारिश का कहर जारी, शहर के कई वार्ड जलमग्न
- जिला मुख्यालय के कई क्षेत्रों में भरा पानी
- पानी निकासी की खुली पोल
मंडला महावीर न्यूज 29. विगत पांच दिन से हो रही मूसलाधार बारिश से मंडला शहर को जलमग्र कर दिया है। इस वर्ष की बारिश ने शहर के पानी निकासी की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी है। झमाझम बारिश के कारण जिला मुख्यालय के कई क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति निर्मित हो गई है। बताया गया कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई है। लगातार बारिश के कारण नर्मदा नदी का जलस्तर खतरे के निशान को पार कर गया है, और मंगलवार सुबह 8 बजे 438.10 मीटर दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी ऊपर था।
जानकारी अनुसार शहर के भी कई प्रमुख क्षेत्र जिनमें कलेक्ट्रेट कॉलोनी, सुभाष वार्ड और भगतसिंह वार्ड समेत बस स्टेंड के पीछे स्थित नपा की 14 दुकानों के तलघर जलमग्न हो गए हैं। घरों और दुकानों में पानी घुसने से लोगों को देर रात तक पानी निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। कलेक्ट्रेट कॉलोनी में पानी निकासी में बाधा बन रही एक नाले की दीवार को नगर पालिका ने जेसीबी की मदद से तोड़कर पानी निकालने का रास्ता बनाया। वहीं चिलमन चौक स्थित पैराडाइज होटल के नीचे की दुकानें और रेडक्रॉस भवन के आसपास का क्षेत्र भी बुरी तरह प्रभावित हो गया। दुकानदारों का कहना है कि प्रशासन नाले की साफ-सफाई कराए जिससे बारिश का पानी तलघरों और घरों में न घुसे। बताया गया कि पूर्व में भी नगर पालिका ने अवैध कब्जे के खिलाफ जेसीबी से कार्रवाई की थी, लेकिन इस कार्रवाई का असर दिखाई नहीं दे रहा है।
जेसीबी से हटाया मलवा
बताया गया कि ईडन गार्डन के पास किसी ने 4 से 5 फीट नाले के ऊपर अवैध कब्जा कर रखा था, उसने नाले के ऊपर ईंट की दीवार खड़ी कर दी थी और कांक्रीट का मलबा डाल दिया था, जिससे पानी का बहाव रुक गया था। नाले से पानी निकलने के बजाय रिवर्स होकर कॉलोनी की तरफ डायवर्ट हो गया, जिससे कॉलोनियों में घुटनों तक पानी भर गया था। जिसके बाद नगर पालिका ने कालोनीवासियों की सूचना पर कार्रवाई करते हुए तहसीलदार, नगर पालिका, कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक और एसडीएम को इसकी सूचना दी थी। नगरपालिका की टीम सीएमओ के नेतृत्व में मौके पर पहुंची। पहले फावड़े से मलबा हटाने की कोशिश की गई, लेकिन जब काम नहीं बना तो जेसीबी मशीन मंगाई गई और दो ट्रॉली मलबा हटाकर नाले का बहाव शुरू किया गया, जिससे कॉलोनीवासियों को राहत मिली थी।












