मूसलाधार बारिश ने मचाई तबाही

मूसलाधार बारिश ने मचाई तबाही

  • नारायणगंज के एकलव्य और एकीकृत स्कूल में 3 फीट पानी भरा, लाखों का नुकसान

मंडला महावीर न्यूज 29. नारायणगंज जनपद पंचायत के रतनपुर चौकी स्थित एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय और एकीकृत शाला रतनपुर चौकी में शुक्रवार हुई मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई। यहां दोनों स्कूलों के कमरों में करीब 3 फीट पानी भर गया, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया और लाखों रुपये का सामान बर्बाद हो गया। विद्यालय के प्राचार्य मनोज कुमार ने पांच जुलाई शनिवार दोपहर दो बजे मीडिया को बताया कि नारायणगंज के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय में सिवनी, बालाघाट और अन्य जिलों के मेधावी छात्रों का एकमात्र आश्रय स्थल है, वहां पानी भरने के कारण बच्चों को तत्काल पास के जूनियर आवासीय विद्यालय में स्थानांतरित किया गया। कुछ बच्चों को उनके परिजनों को बुलाकर घर भी पहुंचाया गया।

प्राचार्य मनोज कुमार ने बताया कि पहाडिय़ों से आ रहा पानी पास के नाले में उफान पर था, जिससे स्कूल भवन में पानी घुस गया। इससे सरकारी दस्तावेज, बच्चों की किताबें और कॉपियां, कम्प्यूटर, लैपटॉप सहित लाखों की सामग्री पानी में डूबकर बर्बाद हो गई। कमरों में तीन फीट पानी भर जाने से चारों तरफ कीचड़ और दलदल फैल गया।

बताया गया कि वर्ष 2022 में एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय खोला गया था, जिसमें 75 बालिकाएं और 79 बालक अध्ययन करते हैं. लेकिन आज दिनांक तक उनके लिए कोई स्थायी भवन नहीं मिला है और उन्हें जूनियर आवासीय विद्यालय में ही अध्ययन करना पड़ रहा है। वर्षों से भूमि की तलाश जारी है, लेकिन भवन न बनने के कारण छात्रों को पढ़ाई में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

एकीकृत शाला में भी पानी से भरी मुश्किलें 

इसी तरह एकीकृत शाला रतनपुर चौकी में कक्षा 1 से 8 तक के कुल 149 छात्र-छात्राएं पढ़ते हैं, वहां भी सभी कमरों में पानी भर गया। प्रधान पाठक उमेश यादव ने बताया कि नाले के उफान के कारण स्कूल में लगभग 3 फीट पानी भर गया, जिससे सभी स्कूली दस्तावेज खराब हो गए। इसकी जानकारी मिलते ही तहसीलदार, विकासखंड शिक्षा अधिकारी राजेश विश्वकर्मा, रतनपुर चौकी सरपंच और दोनों विद्यालयों के स्टाफ मौके पर पहुंचे। सभी के सहयोग से बच्चों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। मौके पर मौजूद सभी अधिकारियों और स्टाफ ने तत्काल भवन निर्माण की मांग की है जिससे बच्चों को भविष्य में ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े और उन्हें बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिल सके।



 

Leave a Comment