दिव्यांग महिला से बलात्कार के दोषी को आजीवन कारावास और जुर्माना

दिव्यांग महिला से बलात्कार के दोषी को आजीवन कारावास और जुर्माना

  • नैनपुर न्यायालय ने चैनसिंह मरकाम को 376(2)(L) सहित अन्य धाराओं में सुनाई सजा

मंडला महावीर न्यूज 29.   चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, श्रृंखला न्यायालय नैनपुर, जिला मंडला ने एक महत्वपूर्ण फैसले में चैनसिंह मरकाम (पिता बिरजू मरकाम, उम्र 51 वर्ष, निवासी ग्राम अरोली, थाना खटिया, जिला मंडला) को बलात्कार, जान से मारने की धमकी और दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम, 2016 के तहत दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और कुल ₹3000 के अर्थदण्ड से दंडित किया है।


घटना और न्यायिक प्रक्रिया:

अभियोजन कहानी के अनुसार, पीड़िता, जो बचपन से एक आँख से पूरी तरह देख नहीं पाती और दूसरी आँख से पास का ही देख पाती है, ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना 2 मार्च 2023 की सुबह करीब 10:00 बजे की है, जब पीड़िता शौच के बाद अपने खेत से वापस आ रही थी। उसी दौरान, अभियुक्त चैनसिंह मरकाम ने उसे रोका और धमकाया कि यदि उसने किसी को बताया तो उसकी बदनामी हो जाएगी और वह उसे जान से मार देगा। इसके बाद, अभियुक्त ने पीड़िता को जमीन पर पटक कर उसके साथ बलात्कार किया, जिससे उसके गुप्तांग से अत्यधिक रक्तस्राव हुआ और वह बेहोश हो गई।

कुछ देर बाद होश आने पर पीड़िता रोने लगी, तभी उसकी बड़ी माँ वहाँ आईं। पीड़िता ने उन्हें पूरी घटना बताई। इस रिपोर्ट के आधार पर, थाना खटिया ने अपराध क्रमांक 08/2023 के तहत धारा 376(2)(L), 506 भाग-2, और धारा 92 दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के तहत मामला दर्ज किया। संपूर्ण विवेचना के उपरांत, अभियोग पत्र माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया।

विचारण के दौरान, अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों से सहमत होते हुए, माननीय चतुर्थ अपर सत्र न्यायाधीश, श्रृंखला न्यायालय नैनपुर ने आरोपी चैनसिंह मरकाम को दोषी पाया और उसे उपरोक्त दंड से दंडित किया। इस प्रकरण में शासन की ओर से अभियोजन का संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी श्री विजय कुमार अहिरवार ने किया।


 

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