मानवाधिकार आयोग ने जर्जर स्कूल भवन को लिया संज्ञान, मंडला कलेक्टर से मांगा जवाब
- घुघरी के सिंघपुरी प्राथमिक स्कूल की दयनीय हालत पर मीडिया रिपोर्ट्स के बाद कार्रवाई
मंडला महावीर न्यूज 29. मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने हाल ही में विभिन्न समाचार पत्रों में प्रकाशित दस मामलों में प्रथम दृष्टया मानव अधिकार उल्लंघन का संज्ञान लिया है। इन मामलों में मंडला जिले से संबंधित एक मामला भी शामिल है। आयोग के सदस्य राजीव कुमार टंडन ने संबंधित अधिकारियों से इन मामलों पर जवाब तलब किया है। यह जानकारी मध्य प्रदेश मानव अधिकार आयोग-मित्र, शिकायत प्रकोष्ठ शाखा मंडला से प्राप्त हुई है।
मंडला जिले से संबंधित जो मामला आयोग के संज्ञान में आया है, वह घुघरी जनपद के ग्राम पंचायत सिंघपुरी के प्राथमिक स्कूल से जुड़ा है। विगत दिवस इस खबर को प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था। जिसमें उल्लेख कर बताया गया था कि घुघरी स्थित प्राथमिक स्कूल का भवन अत्यंत जर्जर हालत में संचालित हो रहा है। स्कूल भवन की छत और दीवारें जीर्ण-शीर्ण हो चुकी हैं, जिससे छात्रों और शिक्षकों के लिए असुरक्षित माहौल बना हुआ है।
बताया गया है कि स्कूल प्रबंधन पिछले एक साल से उच्च अधिकारियों को इस संबंध में लगातार पत्राचार कर रहा है। उन्होंने भवन के जीर्णोद्धार या छात्रों को किसी अन्य सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित करने की मांग की है, लेकिन अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। इस गंभीर लापरवाही को देखते हुए मध्यप्रदेश मानव अधिकार आयोग ने इसे मानव अधिकार का उल्लंघन माना है।
आयोग ने इस मामले में संज्ञान लेते हुए कलेक्टर मंडला से मामले की जांच कराकर एक माह के भीतर की गई कार्यवाही का प्रतिवेदन मांगा है। आयोग का यह कदम यह सुनिश्चित करने के लिए है कि छात्रों को सुरक्षित और उचित शैक्षणिक वातावरण मिले, जो उनका मूलभूत अधिकार है। इस मामले में आयोग की सक्रियता से उम्मीद है कि जल्द ही सिंघपुरी प्राथमिक स्कूल के छात्रों को बेहतर और सुरक्षित स्कूल भवन उपलब्ध हो पाएगा।









