25 लाख की लागत से बना तालाब पहली बारिश में ही ढहा

नैनपुर में अमृत सरोवर निर्माण पर भ्रष्टाचार का आरोप

  • 25 लाख की लागत से बना तालाब पहली बारिश में ही ढहा, गुणवत्ता पर सवाल
  • स्थानीय प्रशासन और ठेकेदार पर मिलीभगत का आरोप, उच्च स्तरीय जांच की मांग

मंडला महावीर न्यूज 29. केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी जल संरक्षण योजना अमृत सरोवर नैनपुर में भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ती नजर आ रही है। नगर पालिका परिषद नैनपुर द्वारा वार्ड क्रमांक 7 इंटकवेल के समीप ?25 लाख की लागत से निर्मित तालाब की बाउंड्री वॉल और तार की जाली पहली ही बारिश में जगह-जगह गिरने लगी है, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। अप्रैल 2022 में शुरू की गई अमृत सरोवर योजना का उद्देश्य प्रत्येक जिले में 75 अमृत सरोवरों का निर्माण या पुनरुद्धार करना है, ताकि जल संकट का समाधान किया जा सके और स्थायी जल स्रोत स्थापित हों। इस योजना में सामुदायिक भागीदारी पर विशेष जोर दिया गया है।

बताया गया कि नैनपुर में लगभग 50 फीट चौड़ाई और 100 फीट लंबाई (5000 स्क्वायर फीट) में बने इस तालाब की बाउंड्री वॉल बड़े पत्थरों से बनाई गई थी, जिसके ऊपर लोहे की एंगल लगाकर तार की जाली लगाई गई थी। हालांकि शुरुआती बारिश में ही यह दीवार और जाली दोनों जगह-जगह से ढहने लगी हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अभी तीन माह की बारिश शेष है, ऐसे में तालाब की क्या स्थिति होगी, यह चिंता का विषय है।

गुणवत्ताविहीन कार्य और भ्रष्टाचार के आरोप 

इस निर्माण कार्य ने नगर पालिका के अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की कथित मिलीभगत से हुए गुणवत्ताविहीन कार्य और भ्रष्टाचार की पोल खोल दी है। शहर में आम चर्चा है कि 25 लाख की लागत से हुए इस निर्माण में घटिया सामग्री का उपयोग किया गया है और इसकी वास्तविक लागत 5 लाख से अधिक नहीं होगी। नागरिकों ने इस गुणवत्ताविहीन निर्माण कार्य की उच्च स्तरीय जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है, जिससे जनता के पैसों का दुरुपयोग रोका जा सके।

इनका कहना है

अमृत सरोवर योजना के तहत किए गए निर्माण को लेकर ठेकेदार प्रदेश ठाकुर को सुधार कार्य करने नोटिस दी गई है। ओर भुगतान नहीं किया गया है।
एस एल सारस
सीएमओ नगर पालिका परिषद नैनपुर


 

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