मंडला के रसोइयों ने लंबित मानदेय के भुगतान की उठाई मांग
- तीन साल से नहीं मिला जून का पारिश्रमिक, आर्थिक तंगी से जूझ रहे परिवार
मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के रसोइया उत्थान संघ समिति के पदाधिकारियों ने कलेक्टर, सीईओ कार्यालय पहुंचकर जून माह के तीन वर्षों से लंबित मानदेय भुगतान के लिए ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन कलेक्टर, जिला पंचायत सीईओ और मुख्यमंत्री के नाम दिया गया। ज्ञापन में बताया गया है कि मंडला जिले के लगभग चार हजार रसोइयों को पिछले कुछ वर्षों से जून माह का भोजन पकाने का मानदेय नहीं मिल रहा है, जबकि वे 15 जून से 30 अप्रैल तक लगातार काम करते आ रहे हैं। उन्हें केवल जुलाई से अप्रैल तक का ही मानदेय दिया जाता है। रसोइयों का कहना है कि जून में भी वे मध्याह्न भोजन पकाने का काम नियमित रूप से करते हैं, लेकिन इस माह का भुगतान रोक दिया गया है।
संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि इस कटौती के कारण उनके परिवार चलाने में आर्थिक तंगी बढ़ गई है। लगभग 12 से 13 दिनों का काम बेगार में चला जाता है। उन्होंने यह भी बताया कि जून में खेती-बाड़ी और बच्चों के स्कूल में प्रवेश से संबंधित खर्चे बढ़े हुए होते हैं, ऐसे में भी वे मध्याह्न भोजन पकाने का काम करते हैं। समिति ने बताया कि जून माह के लिए मध्याह्न भोजन के लिए चावल और अन्य सामग्रियां जैसे ईंधन, किराना व सब्जियों के लिए राशि स्व-सहायता समूहों के खातों में बराबर जमा होती है, जिससे स्कूलों में इस माह भी भोजन खिलाया जाता है और यह काम रसोइयों द्वारा ही कराया जाता है।
रसोइया उत्थान संघ समिति के संस्थापक पीडी खैरवार ने सरकार से पिछले तीन सत्रों सहित जून माह के लंबित मानदेय का जल्द भुगतान करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि सरकार जून माह का मानदेय रोककर गरीब रसोइयों के परिवारों का शोषण न करे। इस अवसर पर कुंवर सिंह मरकाम, सुरेश बघेल, गायत्री पड़वार, गंगोत्री विश्वकर्मा, रम्मू साहू सहित बड़ी संख्या में रसोईये उपस्थित रहे।









