नाबालिग से दुष्कर्म मामले में दोषी को 10 साल का सश्रम कारावास
- मंडला में विशेष न्यायाधीश अदालत का फैसला
- दो हजार रुपये के जुर्माने से भी किया दण्डित
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले की विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो) एक्ट अदालत ने एक नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी धनेश धूमकेती 33 वर्ष को 10 वर्ष के सश्रम कारावास और दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। आरोपी धनेश धूमकेती ग्राम ग्यारहडोंगरी थाना बिछिया मंडला का निवासी है। बताया गया कि अभियोजन पक्ष के अनुसार यह घटना 27 अगस्त 2022 को शाम करीब 5.30 बजे की है। पीडि़ता जिसकी उम्र उस समय 17 वर्ष थी, अपने गांव में खेत से गायों को लेकर घर आ रही थी। इसी दौरान अभियुक्त धनेश धूमकेती जामुन के पेड़ के पीछे छिपा हुआ था। जैसे ही पीडि़ता पेड़ के पास पहुंची, अभियुक्त धनेश ने उसे पीछे से पकड़ कर जमीन पर गिरा दिया और उसके साथ जबरदस्ती बलात्कार किया। पीडि़ता ने चिल्लाने की कोशिश की लेकिन आसपास कोई नहीं था। जब पीडि़ता ने एक हाथ छुड़ाकर पास पड़े पत्थर से अभियुक्त को मारा, तब उसने पीडि़ता को छोड़ा।
बताया गया कि अभियुक्त ने पीडि़ता को धमकी दी कि यदि उसने किसी को बताया तो वह उसे जान से खत्म कर देगा। पीडि़ता तुरंत घर भागी और अपने माता-पिता, भाई-बहन व भाभी को घटना की पूरी जानकारी दी। बारिश और रात होने के कारण पीडि़ता अगले दिन 28 अगस्त 2022 को अपने माता-पिता के साथ थाना बिछिया पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस कार्रवाई के बाद न्यायालय का फैसला
पीडि़ता की रिपोर्ट के आधार पर थाना बिछिया द्वारा अभियुक्त के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने संपूर्ण विवेचना के बाद अभियोग पत्र न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया। विचारण के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य और तर्कों से सहमत होते हुए विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट मंडला ने आरोपी धनेश धूमकेती को दोषी पाया और उसे उक्त दंड से दंडित किया। इस प्रकरण में अभियोजन का संचालन सहायक जिला लोक अभियोजन अधिकारी विजय अहिरवार द्वारा किया गया।









