अंतर्राष्ट्रीय साइकिल दिवस पर छात्रों ने दिया पर्यावरण और स्वास्थ्य का संदेश
- छात्रों ने साइकिल दिवस पर निकाली जागरूकता रैली
मंडला महावीर न्यूज 29. अंतर्राष्ट्रीय साइकिल दिवस के अवसर पर मंडला शहर के छात्रों ने एक जागरूकता रैली निकालकर आम नागरिकों को स्वस्थ रहने और प्रकृति को बचाने का महत्वपूर्ण संदेश दिया। इस अवसर पर विभिन्न नारों और अभियानों के माध्यम से विद्यार्थियों ने पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने पर जोर दिया। बताया गया कि संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा 3 जून को विश्व साइकिल दिवस के रूप में घोषित किया गया है, जिसकी शुरुआत 2018 में तुर्कमेनिस्तान की पहल पर हुई थी और इसे 193 देशों का समर्थन प्राप्त है। इस दिन का मुख्य उद्देश्य साइकिल को एक सरल, किफायती, विश्वसनीय, स्वच्छ और पर्यावरण के अनुकूल परिवहन साधन के रूप में मान्यता देना है। साइकिल का आविष्कार 1817 में जर्मन आविष्कारक कार्ल वॉन ड्रेस ने किया था, जिन्होंने लकड़ी के पहियों से पहली साइकिल बनाई थी।
बताया गया कि स्वास्थ्य की दृष्टि से साइकिल चलाना एक उत्कृष्ट कार्डियोवस्कुलर व्यायाम है, जो हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और मांसपेशियों को मजबूत करता है। छात्रों ने अपनी रैली के माध्यम से लोगों को यह संदेश दिया कि पेट्रोल और डीजल पर हमारी बढ़ती निर्भरता, जो हमारी भौतिक विलासिता का परिणाम है, को कम करने की आवश्यकता है। उन्होंने जोर दिया कि छोटी दूरी के लिए बाजार या दुकान जाने जैसे कार्यों के लिए अक्सर हम वाहनों का प्रयोग करते हैं, जबकि पैदल चलना या साइकिल का उपयोग करना अधिक सुलभ और पर्यावरण के अनुकूल विकल्प है।
जीवनशैली में बदलाव की अपील
छात्रों ने कहा कि प्रकृति को बचाने के लिए हमें अपनी जीवनशैली में बदलाव लाना होगा और इसमें पैदल चलने व साइकिल चलाने को भी शामिल करना होगा। ईंधन की बढ़ती कीमतें और वाहनों के उपयोग से प्रकृति को हो रहा नुकसान चिंता का विषय है। इसी के मद्देनजर साइकिल दिवस पर छात्रों ने पर्यावरण का संरक्षण, पॉलिथीन मुक्त वातावरण, ऊर्जा का संरक्षण, वृक्षारोपण, जल गंगा संवर्धन अभियान, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता, और नशामुक्ति आंदोलन जैसे अनेक मुद्दों पर जागरूकता फैलाई। आयोजित कार्यक्रम में खेल अधिकारी रविंद्र ठाकुर, राजेश क्षत्री पर्यावरणविद्, सुधीर कांसकर, दिनेश दुबे स्काउट प्रभारी, लोक सिंह पदम, संजय सिंगोर, राकेश अग्रवाल, विजय सिंह, संतोष कछवाहा, अरुण अग्रवाल, संयोजक इंटेक राजेश दीक्षित, पंकज उसराठे और देवेंद्र सरोते, महेंद्र श्रीवास सहित अनेक लोग उपस्थित थे, जिन्होंने छात्रों के इस प्रयास को सराहा।









