रामबाग के ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर

रामबाग के ग्रामीण गंदा पानी पीने को मजबूर

  • पानी में कीड़े, तीन माह से गंदगी
  • ग्रामीणों में आक्रोश, बीमारियों का खतरा

मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय से सटी ग्राम पंचायत सकवाह के ग्राम रामबाग में ग्रामीणों को पेयजल के नाम पर दूषित और कीड़े वाला पानी पीने को मजबूर होना पड़ रहा है। लगभग तीन माह से यह समस्या बनी हुई है, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और गंभीर बीमारियों के फैलने की आशंका बढ़ गई है। ग्राम पंचायत के जिम्मेदार अधिकारियों की घोर लापरवाही और उदासीनता के कारण ग्रामीणों का स्वास्थ्य खतरे में है।

रामबाग ग्राम के निवासियों ने बताया कि उन्हें वितरित किए जाने वाले पानी की टंकी की नियमित रूप से सफाई नहीं की जा रही है। जिसके कारण टंकी में गंदगी जमा हो गई है और पानी में कीड़े निकल रहे हैं। यह स्थिति न केवल स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है, बल्कि यह ग्राम पंचायत के जिम्मेदारों की घोर लापरवाही को भी उजागर कर रही है। ग्रामीण लगातार इस दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं, जिससे उन्हें पेट संबंधी बीमारियों, डायरिया और अन्य जल-जनित रोगों का डर सता रहा है।

तीन माह से अनदेखी, बीमारियों का खतरा 

ग्रामीणों ने बताया कि यह समस्या एक-दो दिन की नहीं, बल्कि पिछले लगभग तीन माह से बनी हुई है। इतने लंबे समय तक दूषित पानी की आपूर्ति होने से गांव में भयंकर बीमारी फैलने का अंदेशा बना हुआ है। छोटे बच्चों और बुजुर्गों के स्वास्थ्य पर इसका अधिक प्रतिकूल प्रभाव पडऩे की संभावना है। स्थानीय लोगों ने बताया कि उन्होंने कई बार ग्राम पंचायत सकवाह के सरपंच और सचिव को इस गंभीर समस्या से अवगत कराया है, लेकिन उनकी शिकायतों पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्राम पंचायत के जिम्मेदार प्रतिनिधि कुर्सी पर बैठकर खुलेआम ग्रामीणों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ कर रहे हैं।

जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता पर सवाल 

यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि जिस जिले से पीएचई मंत्री हैं, उसी जिले में ग्रामीण स्वच्छ पेयजल जैसी मूलभूत सुविधा से वंचित हैं। यह स्थिति सरकार के नल से जल अभियान पर भी सवाल उठा रही है। ग्राम पंचायत के सरपंच और सचिव की यह उदासीनता अक्षम्य है। उनका प्राथमिक कर्तव्य अपने क्षेत्र के लोगों को स्वच्छ और सुरक्षित सुविधाएं प्रदान करना है, लेकिन इस मामले में वे पूरी तरह विफल रहे हैं। ग्रामीणों की समस्याओं को अनसुना करना और उनके स्वास्थ्य से खिलवाड़ करना गंभीर लापरवाही की श्रेणी में आता है।

कलेक्टर को ज्ञापन देने की तैयारी 

दूषित पानी की समस्या से त्रस्त ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई लडऩे का मन बना लिया है। उन्होंने साफ चेतावनी दी है कि यदि पानी की टंकी की सफाई और पेयजल समस्या का समाधान अतिशीघ्र ग्राम पंचायत द्वारा नहीं किया गया, तो वे जिला कलेक्टर को ज्ञापन देंगे। यह कदम ग्रामीणों की हताशा और आक्रोश को दर्शाता है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि जिला प्रशासन इस मामले को गंभीरता से लेगा और तत्काल हस्तक्षेप कर ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक कदम उठाएगा, जिससे किसी बड़ी स्वास्थ्य आपदा को टाला जा सके।



 

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