प्रत्येक प्राणी का अंतिम लक्ष्य भगवान नारायण हरि को प्राप्त करना

प्रत्येक प्राणी का अंतिम लक्ष्य भगवान नारायण हरि को प्राप्त करना

  • भगवान श्री कृष्ण की बाललीला का मनोहारी वर्णन, नीलू महाराज ने बताया आनंद का मार्ग

मंडला महावीर न्यूज 29. स्थानीय अंबेडकर वार्ड स्थित गुरुद्वारा में आयोजित श्री मद् भागवत महापुराण कथा में भगवान श्री कृष्ण की मनमोहक बाललीला, माखन लीला का पंडित नीलू महाराज ने रसपूर्ण वर्णन किया। सोमवार को भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव के उल्लास के साथ कथा में बाल गोपाल की नटखट और प्रेम भरी लीलाओं को सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो उठे। भागवत रसिक नीलू महाराज ने अपने प्रवचन में उपस्थित भक्तों को बताया कि प्रत्येक प्राणी का अंतिम लक्ष्य भगवान नारायण हरि को प्राप्त करना है। उन्होंने अपने गहन शास्त्रीय अध्ययन और मनन के अनुभवों को साझा करते हुए बताया कि उन्होंने यह दृढ़ निश्चय किया है कि जीवन में केवल भगवान नारायण का ही निरंतर ध्यान करना चाहिए।

महाराज जी ने इस बात पर विशेष बल दिया कि जब तक मनुष्य के हृदय में निर्गुण निराकार ब्रह्म के प्रति अटूट श्रद्धा और निष्ठा उत्पन्न नहीं होती, तब तक मन से राग-द्वेष जैसी नकारात्मक भावनाएं समाप्त नहीं हो सकतीं। उन्होंने कहा कि जब ध्यान के समय मन सांसारिक विचारों और विकारों से अशुद्ध रहता है, तो सच्ची आत्मानंद की अनुभूति कदापि संभव नहीं है। नीलू महाराज ने वर्तमान समय में जीवन के अत्यधिक भोग-विलास में लिप्त होने पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि भौतिक सुखों की क्षणिक तृप्ति में आनंद की खोज करना भ्रम मात्र है। सच्चा आनंद तो निर्मल मन से भगवान के ध्यान में ही निहित है।

उन्होंने माखन लीला का सुंदर दृष्टांत देते हुए भगवान कृष्ण की बालसुलभ चंचलता और माता यशोदा के प्रति उनके प्रेम का भावपूर्ण चित्रण किया। उन्होंने बताया कि किस प्रकार भगवान अपने भक्तों के प्रेम के वशीभूत होकर साधारण लीलाएं करते हैं और उनमें भी गहरा आध्यात्मिक संदेश छिपा होता है। कथा में उपस्थित श्रद्धालुओं ने नीलू महाराज के अमृतमयी वचनों को ध्यानपूर्वक सुना और भगवान की बाललीला के मधुर प्रसंगों का आनंद लिया। इस अवसर पर गुरुद्वारा परिसर भक्तिमय वातावरण से ओतप्रोत था। भिरयानी परिवार द्वारा आयोजित इस महापुराण कथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं और धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।


 

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