जन्मजात मोतियाबिंद से पीडि़त 11 बच्चों को मिलेगी नई रोशनी

जन्मजात मोतियाबिंद से पीडि़त 11 बच्चों को मिलेगी नई रोशनी

  • राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत होगी बच्चों की सर्जरी

मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत जिला चिकित्सालय मंडला में जन्मजात मोतियाबिंद से जूझ रहे बच्चों के लिए एक विशेष सर्जरी शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में जिले के बिछिया, मवई, निवास, मोहगांव, घुघरी और नैनपुर ब्लाक के 17 बच्चों को चिन्हित किया गया था। शिविर के पहले चरण में जिले भर से आए कुल 11 बच्चों को सफल सर्जरी के लिए जिला चिकित्सालय के वार्ड नंबर 52 में भर्ती किया गया है। शेष बच्चों का दूसरे चरण में सर्जरी की जाएगी। इन सभी बच्चों का ऑपरेशन नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहिरवार द्वारा किया जाएगा, जिससे उनके जीवन में नई रोशनी आएगी।

बताया गया कि इस शिविर के सफल आयोजन में जिला चिकित्सालय मंडला के सिविल सर्जन डॉ. विजय सिंह धुर्वे ने सक्रिय भूमिका निभाई। शिविर के दौरान डॉ. धुर्वे ने भर्ती किए गए बच्चों और उनके परिजनों से मुलाकात कर उन्हें ढांढस बंधाया और चिकित्सा सुविधाओं की जानकारी दी। ऑपरेशन करने वाले नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. तरुण अहिरवार ने बताया कि जन्मजात मोतियाबिंद बच्चों की दृष्टि के लिए एक गंभीर समस्या है और समय पर सर्जरी ही इसका एकमात्र प्रभावी इलाज है। उन्होंने कहा कि शिविर में चयनित सभी बच्चों की सर्जरी सफलतापूर्वक की जाएगी और वे जल्द ही सामान्य जीवन जी सकेंगे। आरबीएसके प्रबंधक अर्जुन सिंह ने बताया कि 11 बच्चों को मोतियाबिंद ऑपरेशन के लिए भर्ती कर लिया गया है। इनकी सभी जांचे सोमवार को ही कर ली गई है। जांच के बाद रिपोर्ट के आधार पर मंगलवार को सभी 11 बच्चों का मोतयाबिंद ऑपरेशन डॉ. तरूण अहिरवार द्वारा किया जाएगा।

शिविर के सफल संचालन में जिला चिकित्सालय के उप प्रबंधक अजय सैयाम, आरबीएसके प्रबंधक अर्जुन सिंह, आरबीएसके, आरबीएसके एएनएम, संजय भोयार और आई ओपीडी, ओटी के समस्त स्टाफ ने महत्वपूर्ण योगदान दिया। सभी ने मिलकर बच्चों की भर्ती प्रक्रिया को सुगम बनाया और उनके परिजनों को आवश्यक सहायता प्रदान की। आरबीएसके प्रबंधक अर्जुन सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम भारत सरकार की एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसका उद्देश्य बच्चों के स्वास्थ्य की देखभाल करना और उन्हें गंभीर बीमारियों से मुक्त कराना है। इस कार्यक्रम के तहत जन्मजात बीमारियों से पीडि़त बच्चों की पहचान कर उन्हें मुफ्त इलाज मुहैया कराया जाता है। मंडला में आयोजित यह शिविर इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जो गरीब और जरूरतमंद परिवारों के बच्चों को नई उम्मीद और बेहतर भविष्य प्रदान करेगा। बताया गया कि इस शिविर के आयोजन से न केवल 11 बच्चों को दृष्टि मिलेगी, बल्कि यह कार्यक्रम जिले के अन्य जरूरतमंद बच्चों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बनेगा।


 

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