किसान तुलसी की लाभदायक व्यवसायिक खेती के लिए उत्साहित

मोहगांव के किसान तुलसी की लाभदायक व्यवसायिक खेती के लिए उत्साहित

  • आयुष विभाग की पहल लाई उम्मीद की किरण, किसानों को मिलेगा नया आय का स्रोत
  • मंडला में एक जिला एक औषधि तुलसी योजना के तहत किसानों को व्यवसायिक खेती का प्रशिक्षण

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के किसान अब तुलसी की व्यवसायिक खेती कर अपनी आय बढ़ाने के लिए उत्साहित हैं। आयुष विभाग मंडला की एक प्रेरक पहल के तहत राज्य औषधि पादप बोर्ड भोपाल के दिशा निर्देशन में संचालित एक जिला एक औषधि तुलसी देवारण्य योजना के अंतर्गत जिले के सभी विकासखंडों में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर शुरू किया गया है। जिसमें तय तिथि अनुसार ब्लाक स्तर पर वहां के किसानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा। इसी के अंतर्गत इस पहल की शुरूआत मोहगांव विकासखंड से की गई। जहां एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया।

जानकारी अनुसार जनपद पंचायत मोहगांव में एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण प्रशिक्षण में आजीविका समूह और कृषक उत्पादन संगठन की महिला किसानों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। पांच विषय विशेषज्ञों ने उन्हें तुलसी की रोपाई से लेकर इसके व्यवसायिक लाभ तक की विस्तृत जानकारी प्रदान की। इसके साथ ही अध्ययन सामग्री भी वितरित की गई।

कार्यक्रम में जनपद अध्यक्ष जीएस भवेदी, उपाध्यक्ष शिव कुमार मिश्रा, आयुष विभाग के जिला के सभी चिकित्सक, कान्हा एफपीओ के सीईओ रंजीत कछवाहा, ग्राम सेवक ट्रस्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर चंद्रहास पटेल, योगेंद जाटव मोहगांव आजीविका मिशन विकासखंड प्रबंधक, मुकेश नंदा एवं राजकुमार यादव सहायक विकास खंड प्रबन्धक, विकासखंड का स्टाफ, समूह के सीआरपी और समूह की किसान दीदियों ने सक्रिय भागीदारी निभाई। इस दौरान तुलसी के दैनिक जीवन में विभिन्न उपयोगों पर भी चर्चा हुई और आगामी समय में इसकी व्यवसायिक खेती पर सभी ने सहमति जताई।

मंडला जिला आयुष अधिकारी डॉक्टर गायत्री आहाके ने बताया कि विभिन्न विभागों के सहयोग से मंडला जिले के छह विकासखंडों में तुलसी की व्यवसायिक खेती के लिए किसानों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है। यह प्रशिक्षण आयुष विभाग के नेतृत्व में और जिला के एफपीओ कृषक उत्पादक संगठन, एनआरएलएम आजीविका मिशन, मनरेगा, उद्यानिकी विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र एवं अशासकीय संस्था एनजीओ के सामूहिक प्रयासों से आयोजित किया जा रहा है। बताया गया कि तुलसी उत्पादक किसानों को प्रशिक्षण के बाद भी संबंधित गतिविधियां आयोजित कर उनके द्वारा तैयार उत्पादों को बाजार से जोडऩे के लिए भी प्रयास किए जाएंगे। प्रशिक्षण के अंत में सभी प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र वितरित किए गए। इस पहल से मोहगांव के किसानों को एक नया और लाभदायक व्यवसाय अपनाने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा।



 

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