जमीन समतलीकरण के नाम पर धोखाधड़ी
- अंतर्राज्यीय गिरोह का किया पर्दाफाश, राजस्थान के दो आरोपी गिरफ्तार
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला पुलिस ने जमीन समतलीकरण के नाम पर सेवानिवृत्त कर्मचारियों से धोखाधड़ी करने वाले एक अंतर्राज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में राजस्थान के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बम्हनी थाने में चिरईडोंगरी निवासी एक सेवानिवृत्त शिक्षक ने शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि कुछ लोगों ने उनसे संपर्क कर रेलवे विभाग में लगी जेसीबी मशीन को दो-तीन दिन की छुट्टी पर होने के कारण कम पैसों में उनके खेत में काम कराने की बात कही। इसके बाद जेसीबी मशीन से खेत में खुदाई की गई और फिर तीन अन्य व्यक्ति वहां पहुंचे। इन व्यक्तियों ने खुद को रेलवे अधिकारी और तहसील कार्यालय का कर्मचारी बताकर शिकायतकर्ता पर कार्रवाई करने और जेल भेजने की धमकी दी। उन्होंने मामले को रफा-दफा करने के लिए 10 से 15 लाख रुपये का जुर्माना भरने और रसीद प्राप्त करने की बात कही, जिससे शिकायतकर्ता डर गया।
सरकारी कर्मचारी होने के कारण भयभीत शिकायतकर्ता ने जेल जाने के डर से उन तीन व्यक्तियों के साथ स्टेट बैंक मंडला के मुख्य शाखा से चेक के माध्यम से 10 लाख 70 हजार रुपये निकाले। इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता और उसके परिवार को जान से मारने की धमकी दी और उसे महाराजपुर में छोड़कर भाग गए। शिकायतकर्ता की रिपोर्ट पर बम्हनी थाने में विभिन्न धारा के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस नैनपुर के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी बम्हनी अरुण प्रताप सिंह भदौरिया के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई।
जांच के दौरान टीम ने घटनास्थल का रूट मैप तैयार किया और सीसीटीवी फुटेज एवं साइबर सेल मंडला से प्राप्त तकनीकी जानकारी का विश्लेषण किया। इसके बाद 6 सदस्यीय टीम को राजस्थान अज्ञात संदिग्ध आरोपियों की जानकारी प्राप्त करने के लिए रवाना किया गया। टीम को जानकारी मिली कि इस घटना में परवीन खान पिता कमाल खान 31 वर्ष और नबीशेर खान पिता मुमताज खान 55 वर्ष, दोनों निवासी पुलिस लाइन के सामने करौली, राजस्थान, शामिल हैं। घटना को अंजाम देने वाले दोनों आरोपियों को थाना घंसौर जिला सिवनी में गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
आरोपियों ने पूछताछ में अन्य राज्यों में भी इस तरह की घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की है। उन्होंने छत्तीसगढ़ के विभिन्न जिलों बालोद, बालोदा बाजार, राजनांदगांव, जबलपुर, सिवनी में भी इसी तरह से धोखाधड़ी कर पैसे वसूले हैं। यह भी पता चला है कि बालोद और राजनांदगांव में इस तरह के मामलों में वे जेल भी जा चुके हैं। पुलिस द्वारा इन मामलों के संबंध में अन्य जिलों और राज्यों से जानकारी एकत्र की जा रही है, जिससे और भी मामलों का पता चल सकता है।
इस कार्रवाई में एसडीओपी नैनपुर मनीष राज, उप निरीक्षक अरुण प्रताप सिंह भदौरिया थाना प्रभारी बम्हनी, सहायक उप निरीक्षक राकेश बघेल, सहायक उप निरीक्षक मुकेश चौरसिया, प्रधान आरक्षक धीरज नाग, प्रधान आरक्षक इंदर सिंह राजपूत, आरक्षक सुनील सिंह, आरक्षक खिलेन्द्र राहगडाले, नवीन कठौते और साइबर सेल मंडला की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









