35 गांव के मुख्यालय में नहीं है एटीएम सुविधा, ग्रामीणों की परेशानी
- आठ वर्ष से एटीएम के लिए तरस रहे ग्रामीण
- अतिक्रमण क्षेत्र में आने से अलग किया था एटीएम, क्षेत्र में सिर्फ एक बैंक
मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला से जबलपुर नेशनल हाईवे 30 में बसे ग्राम उदयपुर में स्थित एसबीआई बैंक ने कई खाता धारकों को एटीएम कार्ड तो दे दिए, लेकिन एटीएम मशीन नहीं होने के कारण ग्रामीणों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यहां उदयपुर समेत 35 ग्रामों की आबादी लगभग 50 हजार से भी ज्यादा है। जहां करीब 30 हजार बैंक खाताधारक है। ग्रामीण क्षेत्र होने के कारण हजारों किसान, कर्मचारी, दुकानदार व मजदूर निवास करते हैं, लेकिन गांव में बैंक के नाम पर एक मात्र एसबीआई बैंक संचालित है। जिसमें किसानों, श्रमिकों, व्यापारियों, कर्मचारियों, पेंशनधारियों के हजारों खाते हैं। इस बैंक की ओर से गांव में या लगभग 15 से 20 किमी के बीच एटीएम नहीं होने से लोगों को बीजाडांडी या बरेला जाना पड़ता है। जिसके कारण इन्हें परेशानी का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों ने उदयपुर में एटीएम मशीन जल्द लगाने की मांग की है।
जानकारी अनुसार ग्राम उदयपुर करीब 35 ग्रामों का मुख्यालय है। जहां सिर्फ एक ही बैंक एसबीआई ही संचालित है। जिसमें हजारों खाताधारक है। जिन्हें रूपए निकासी के लिए एटीएम की भी सुविधा दी गई है। जिससे इन्हें पैसे निकालने में परेशानी का सामना ना करना पड़े। लेकिन उदयपुर में स्थित एक मात्र एटीएम विगत आठ वर्षो से गायब है। जिसके कारण क्षेत्र के हजारों खाताधारकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बताया गया कि ग्राम उदयपुर में करीब आठ साल से एटीएम के लिए क्षेत्रवासी तरस रहे है। यहां नेशनल हाईवे 30 निर्माण कार्य शुरू होने के समय अतिक्रमण क्षेत्र हटाए गए थे, जिसमें एसबीआई का एटीएम भी इसी जद में आ गया था। जिसके बाद बैंक प्रबंधन ने इस एटीएम को यहां से अलग कर दिया गया और उसके बाद एटीएम को अन्य स्थान पर नहीं लगाया गया। जिसके कारण क्षेत्रवासियों को बैंक में लाईन लगाना पड़ रहा है। पैसे निकासी के लिए लोगों को अपने कार्य को छोड़कर बैंक या क्षेत्र से दूर 15 से 20 किमी जाना पड़ रहा है।
कियोस्क में लगते है 10 प्रतिशत
ग्रामीणों ने बताया कि उदयपुर क्षेत्र में सिर्फ एसबीआई का एटीएम था, जो विगत आठ वर्ष पहले हाईवे मार्ग निर्माण के समय अलग कर दिया गया था। जिसके बाद एटीएम को नहीं लगाया गया। जिसके कारण क्षेत्रवासियों को अपने रूपए निकालने के लिए कियोस्क या यहां से दूर जाना पड़ता है। कियोस्क संचालक स्वयं के पैसे निकालने के लिए 10 प्रतिशत राशि काटते है। जिससे हमें आर्थिक नुकसान होता है। स्वयं के रूपए निकालने के लिए 10 प्रतिशत राशि अधिक होती है। क्षेत्रवासियों की मांग है कि उदयपुर में जल्द ही एटीएम लगाया जाए। जिससे ग्रामीणों को इस परेशानी से निजात मिल सके।
इनका कहना है
ग्राम उदयपुर के स्थानीय कारखाने में सैकड़ों लोग कार्य करते है, जिनकी सैलरी बैंक खातें में ही आती है। बैंक में भीड़ होने के कारण एटीएम से सुविधानुसार पैसे निकाल लेते थे, लेकिन विगत आठ वर्ष से यहां एटीएम ही नहीं है। जिसके कारण लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। जल्द ही क्षेत्र में एक एटीएम की व्यवस्था होना चाहिए।
क्षेत्र में एक मात्र एटीएम गायब हो गया है, विगत आठ वर्षो से क्षेत्र के लोग एटीएम ना होने से काफी परेशान हो रहे है। पैसे निकालने के लिए 15 से 20 किमी दूर जाना पड़ रहा है। हमारा गाडिय़ों का काम है, कब पैसों की जरूरत पड़ जाए, उसके लिए भी हमें परेशानी उठानी पड़ती है। यदि रात्रि में कोई इमरजेंसी है तो 15 किमी दूर जाना पड़ता है।
उदयपुर में सिर्फ एक ही बैंक एसबीआई है, इसी बैंक का एटीएम था, लेकिन विगत आठ वर्षो से यहां एटीएम नहीं है। जिसके कारण परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बैंक अधिकारी क्षेत्रीय जन की समस्या पर ध्यान नहीं दे रहे है। जिसके कारण उदयपुर के करी 35 ग्रामों के लोगों को परेशान होना पड़ रहा है, यहां जल्द मशीन लगाई जाए।
उदयपुर स्थित एसबीआई में करीब 30 हजार खाताधारक है। जिसके कारण एटीएम मशीन ना होने के कारण परेशानी उठानी पड़ रही है और क्षेत्र में एक मात्र एक ही बैंक एसबीआई का है, जिसके कारण यहां खाताधारकों की भीड़ भी बनी रहती है। पैसे निकालने में परेशानी का सामना करना पड़ता है। जल्द ही क्षेत्र में एटीएम मशीन लगाई जाए।














