ब्राम्हण बालकों का हुआ यज्ञोपवीत संस्कार

ब्राम्हण बालकों का हुआ यज्ञोपवीत संस्कार

  • दो दिवसीय भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव का समापन

मंडला महावीर न्यूज 29. दो दिवसीय भगवान परशुराम के प्रकटोत्सव के अवसर पर बुधवार को सिंहवाहिनी वार्ड के नावघाट स्थित भगवान परशुराम मंदिर के पास मैदान में बाम्हण बालकों का यज्ञोपवीत संस्कार किया गया। जिसमें करीब दो दर्जन ब्राम्हण बालकों को जज्ञोपवीत संस्कार कराया गया है। वैदिक विधि-विधान से यज्ञोपवीत संस्कार के बाद शोभायात्रा निकाली गई।

माहिष्मती सर्व ब्राह्मण सभा मंडला के अध्यक्ष पं. आकाश दीक्षित, सचिव पं.अशोक दुबे कुररिया उपाध्यक्ष पं.प्रशांत बाजपेयी कोषाध्यक्ष पं.ऋषि तिवारी, भगवान परशुराम मंदिर के पुजारी पं.संतोष शुक्ला ने बताया कि भगवान परशुराम प्रकटोत्सव के अवसर दो दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। जिसमें मंगलवार को जहां उपनगर महाराजपुर से मंडला के सिंहवाहिनी वार्ड के भगवान परशुराम मंदिर तक भव्य वाहन रैली निकाली गई वहीं बुधवार को अक्षय तृतीया के दिन ब्राम्हण बालकों का यज्ञोपवीत संस्कार किया गया है।

मंडला सहित अन्य जिलों से भी यज्ञोपवीत के लिए ब्राम्हण बटुकों को लेकर उनके परिजन पहुंचे थे जिनके लिए आयोजकों द्वारा चाय, नाश्ता, भोजन आदि की भी व्यवस्था की गई थी। बताया गया कि जीवन में होने वाले जरूरी 16 संस्कारों में यज्ञोपवीत संस्कार 10 वां संस्कार है, बताया गया कि यज्ञोपवीत धारण करने के बाद ब्राम्हण बटुकों को जनेऊ धारण करने का आध्यात्मिक महत्व भी समझाया गया है जिसमें बताया गया कि तीन धागे वाले जनेऊ धारण करने वाले व्यक्ति को आजीवन ब्रह्मचर्य का पालन करना होता है। जनेऊ के तीन धागे को देवऋण, पितृऋण और ऋषि ऋण का प्रतीक माना जाता है। इसे सत्व, रज और तम और तीन आश्रमों का भी प्रतीक माना जाता है।

विवाहित व्यक्ति के लिए छह धागों वाला जनेऊ होता है। इन छह धागों में से तीन धागे स्वयं के और तीन धागे पत्नी के लिए माने जाते हैं। हिंदू धर्म में किसी भी धार्मिक या मांगलिक कार्य आदि करने के पूर्व जनेऊ धारण करना जरूरी है। बगैर जनेऊ के किसी भी हिंदू व्यक्ति का विवाह संस्कार नहीं होता है। यज्ञोपवीत संस्कार पुरोहितों द्वारा वैदिक मंत्रों के साथ कराया गया। करीब दो दर्जन ब्राम्हण बटुकों का यज्ञोपवीत संस्कार कराया गया है इनमें मंडला जिले के साथ आसपास के जिलों से भी ब्राम्हण बटुक, उनके परिजनों के साथ, बड़ी संख्या में ब्राम्हण समाज के लोग इस कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम में सांसद फग्गन सिंह कुलस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष प्रफुल्ल मिश्रा भी पहुंचे थे। कार्यक्रम के समापन पर सभी ब्राम्हण बटुकों को भगवान परशुराम का स्मृतिचिन्ह देकर सम्मानित किया गया।


 

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