मनरेगा में बड़ा घोटाला उजागर

छात्रावास अधीक्षक का बना जॉब कार्ड, मृत होने के बाद भी कार्ड जिंदा है

  • गॉव के बाहर रहकर पढ़ रही छात्रा के नाम पर भी लगी हाजरी
  • मनरेगा में बड़ा घोटाला उजागर, मृत और अनुपस्थित लोगों के नाम पर निकाली राशि

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के नारायणगंज जनपद पंचायत के घोंटखेड़ा में मनरेगा में वित्तीय अनियमितता का मामला सामने आया है। पोषक ग्राम चाटी के रोजगार सहायक सुरेश कुमार कुशराम पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी जॉब कार्ड और हाजरी भरकर सरकारी राशि का दुरुपयोग किया है। चाटी निवासी रामप्रसाद आर्मो ने 43 पृष्ठों के दस्तावेजों के साथ जिला कलेक्टर से रोजगार सहायक सुरेश कुमार कुशराम के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की मांग की है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रोजगार सहायक ने अपने दूर रहने वाले रिश्तेदारों, नाबालिग बच्चों, मृत व्यक्तियों और यहां तक कि अपनी शासकीय शिक्षिका पत्नी के नाम पर भी फर्जी हाजरी भरकर राशि निकाली है।

शिकायत में बताया गया है कि रोजगार सहायक सुरेश कुमार कुशराम ने स्वयं का नाम बदलकर सूरज के नाम पर जॉब कार्ड बनाया और अपनी पत्नी नीलू जो शिक्षिका है का नाम बदलकर नीलम के नाम से फर्जी हाजरी भरी। इसके अलावा 9 वर्षीय पुत्री समृद्धि और 13 वर्षीय भतीजी साक्षी के नाम पर भी राशि निकाली गई। बुजुर्ग नाना, नानी जो वृद्धा पेंशन प्राप्त कर रहे हैं, उनके नाम पर भी फर्जी हाजरी भरी गई।

चौंकाने वाली बात यह है कि ग्राम मधुपुरी मंडला तहसील निवासी स्व. महासिंह मरावी पिता स्व. परम मरावी ग्राम चाटी में शासकीय आदिवासी बालक छात्रावास में अधीक्षक थे, जिनके नाम पर भी जॉब कार्ड बनाया गया और उनकी मृत्यु के बाद भी उसमें हाजरी भरी जाती रही। शिकायत में रोजगार सहायक की बुआ के दो बेटों का भी उल्लेख है, जो पिछले 20 वर्षों से इंदौर में रह रहे हैं, लेकिन उनके नाम पर भी फर्जी हाजरी भरी गई। आंगनबाड़ी सहायिका और जबलपुर में रहने वाले एक ड्राइवर के नाम पर भी इसी तरह फर्जीवाड़ा किया गया। यहां तक कि मृत व्यक्तियों के नाम पर भी जॉब कार्ड बनाकर राशि का आहरण किया गया। एक ही व्यक्ति के दो-दो जॉब कार्ड बनाने के भी आरोप हैं।

शिकायतकर्ता रामप्रसाद आर्मो का कहना है कि जनपद स्तर पर इस मामले की जांच में लीपापोती की जा रही है, जबकि उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए सभी बिंदु प्रमाणित हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि शिकायत के बाद रोजगार सहायक उन्हें जान से मारने की धमकी दे रहा है, जिसकी शिकायत उन्होंने पुलिस अधीक्षक से भी की है। अब यह देखना है कि जिम्मेदार अधिकारी इस गंभीर शिकायत पर कितनी गंभीरता से कार्रवाई करते हैं और क्या मनरेगा के इस कथित घोटाले की निष्पक्ष जांच हो पाती है कि नहीं।

नियम विरूद्ध शासकीय राशि का बंदरबांट 

शिकायतकर्ता ने बताया कि भोपत पिता हरीसिंह परते पोषक ग्राम चाटी निवासी थे इस दौरान इनका जॉब कार्ड बनाया गया था। अब ये लगभग 15 वर्षों से ग्राम खुखसर बकौरी मंडला में निवासरत हैं। नियमानुसार इनका जॉब कार्ड निरस्त कर दिया जाना चाहिए था, लेकिन उक्त जॉब कार्ड में अनावेदक के दोस्त संजीव कुमार यादव एवं रोशनी यादव का नाम जोड़कर फर्जी हाजरी लगाकर राशि का आहरण किया गया है। जबकि जॉब कार्ड एसटी वर्ग के नाम से बना है और उसमें ओबीसी वर्ग के लोगों का नाम जोड़ दिया गया है। वहीं सुबांसिया बाई पति सुकाली ग्राम चाटी निवासी हैं दोनों की लगभग 15 वर्ष पहले मृत्यु हो चुकी है जिनका जॉब कार्ड बनाया गया है जिसमें मृतक की परनातिन शकुन्तला की फर्जी हाजरी लगाकर राशि का आहरण किया गया है। जबकि शकुन्तला पॉलिटेक्निक कॉलेज मंडला में छात्रावास पर रहकर वर्ष 2023-24 में अध्ययनरत थी और इसी दौरान उनके खाते में राशि डाली गयी है जो नियम विरूद्ध है।



 

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