तीन माह के मासूम ने जीत ली जिंदगी
- योजना का मिला सहारा तो दिल की धड़कन रूकने नहीं दी
- मुम्बई के नारायणलाय में हुआ नि:शुल्क ऑपरेशन
मंडला महावीर न्यूज 29. बाल हदय उपचार योजना के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं जिला शीघ्र पहचान एवं हस्तक्षेप केन्द्र में नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही है। जिससे पीडि़त बच्चे निरोगी हो और एक स्वस्थ्य समाज एवं उज्जवल भविष्य का निर्माण हो। इसी उद्देश्य से आरबीएसके अंतर्गत जिला शीघ्र पहचान हस्तक्षेप केन्द्र, जिला चिकित्सालय मंडला में पीडि़त बच्चों को योजना का लाभ दिलाया जा रहा है।
सीएमएचओ डॉ. केसी सरोते ने बताया कि कुछ नवजात शिशुओं में जन्मजात विकार हो जाते है। उनमें से अधिकांश विकार ठीक हो सकते है, यदि उनका समय पर उपचार और चिकित्सा सेवा का लाभ मिल जाए। इसके लिये सरकार द्वारा हर जिले में ब्लाक स्तर पर मोबाइल हेल्थ टीम आरबीएसके का गठन किया गया है जो सरकारी और अर्धसरकारी विद्यालयों एवं आँगनवाड़ी केन्द्रों पर जाकर बच्चों का स्वास्थ्य परीक्षण करते है। यहां अस्वस्थ्य बच्चो को चिन्हित करके उन्हे नि:शुल्क उच्च चिकित्सा सेवाओं के लिये सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों, जिला चिकित्सालय और मेडिकल कालेज में ले जाया जाता है। जहाँ डीईआईसी के माध्यम से इन बच्चो को संबधित विभाग से नि:शुल्क उपचार दिलाया जाता है।
योजना का मिला सहारा
कहावत है कि सुख के पीछे दुख और दुख के पीछे सुख आता है। हर निराशा के पीछे एक आशा छिपी होती है। बताया गया कि सिविल अस्पताल नैनपुर में राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत टीम कार्यरत है। आरबीएसके टीम के डॉ. धनराज भावरे, डॉ. आरके नंदा और एएनएम हेमलता विश्वकर्मा ने ग्राम रमगड़ी पालासुन्दर के आंगनवाड़ी का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने 3 महीने के बच्चे यश पड़वार पिता युगल किशोर का स्वास्थ्य परीक्षण किया। परीक्षण में पाया कि बच्चा जन्मजात विकृति, दिल में छेद (सीएचडी-कंजेनिटल हार्ट डिजीज) से पीडि़त था। बच्चे को जन्म से ही बार-बार निमोनिया जैसी समस्या हो रही थी। टीम ने बच्चे को इको जांच के लिए मेडिकल कॉलेज जबलपुर भेजा, जहां जांच में दिल में छेद होने की पुष्टि हुई। इसके बाद बच्चे को ऑपरेशन के लिए मुंबई रेफर किया गया। बच्चे का ओपन हार्ट सर्जरी मुंबई के नारायणा हृदयालय हॉस्पिटल में आरबीएसके योजना के तहत नि:शुल्क कराया गया। अब बच्चा स्वस्थ है और उसे नया जीवन मिला है। बच्चे के माता-पिता ने आरबीएसके टीम नैनपुर के डॉ. धनराज भावरे, डॉ. राजकुमार नंदा, एएनएम हेमलता विश्वकर्मा और जिला समन्वयक अर्जुन सिंह का इस उपचार के लिए आभार व्यक्त किया।











