मंडला जिले ने प्रदेश में पाया 18 वां स्थान

मंडला जिले ने प्रदेश में पाया 18 वां स्थान

  • आशा और आशा पर्यवेक्षकों ने किया 240 मिनट का मोबाईल एकेडमी कोर्स
  • गर्भकाल से लेकर बच्चों के टीकाकरण तक की दी जाती है जानकारी

मंडला महावीर न्यूज 29. मंडला जिले ने एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल करते हुए मध्यप्रदेश का 18वां जिला बनने का गौरव प्राप्त किया है, जहां शत-प्रतिशत आशा कार्यकर्ताओं ने मोबाइल अकादमी कोर्स सफलतापूर्वक पूर्ण कर लिया है। यह महत्वपूर्ण सफलता डिजिटल इंडिया के तहत भारत सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन द्वारा संचालित मोबाइल अकादमी और किलकारी कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन का परिणाम है। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य राज्य और जिला स्तर पर मातृ मृत्यु दर और शिशु मृत्यु दर को कम करना है। बताया गया कि मोबाइल अकादमी और किलकारी कार्यक्रम मोबाइल आधारित स्वास्थ्य संचार कार्यक्रम हैं, जो आशा कार्यकर्ताओं को आधुनिक और वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित स्वास्थ्य ज्ञान प्रदान करने के लिए डिजाइन किए गए हैं। इसके माध्यम से आशा कार्यकर्ताएं मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी ढंग से समुदाय तक पहुंचा सकेंगीं।

जानकारी अनुसार मंडला जिले ने मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रमों के अंतर्गत संचालित मोबाईल एकेडमी और किलकारी कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश में 18 वां स्थान प्राप्त किया है। किलकारी एक केंद्रीकृत इंटरैक्टिव वॉयस रिस्पांस आधारित मोबाइल हेल्थ सर्विस है, जो गर्भवती महिलाओं और एक वर्ष से कम उम्र के बच्चों की माताओं को गर्भावस्था, शिशु जन्म और बाल देखभाल से संबंधित मुफ्त, साप्ताहिक, समय-उपयुक्त ऑडियो संदेश उनके मोबाइल फोन पर प्रसारित करती है। यह सेवा गर्भावस्था के अंतिम मासिक धर्म की अवधि या बच्चे की जन्मतिथि से लेकर एक वर्ष की आयु तक परिवारों को 72 ऑडियो संदेश प्रदान करती है।

टोल फ्री नंबर में 11 विषयों की मिलती है जानकारी 

डीसीएम हिमांशु सिंगौर ने बताया कि किलकारी के ऑडियो संदेश डॉ. अनीता नामक एक काल्पनिक डॉक्टर की आवाज में होते हैं। यह कार्यक्रम स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा केंद्रीय रूप से होस्ट किया जाता है जो राज्य, केंद्र शासित प्रदेशों और लाभार्थियों के लिए नि:शुल्क है। यह आरसीएच पोर्टल के साथ एकीकृत है, जो जानकारी का एकल स्रोत है। आगे बताया कि मोबाईल एकेडमी एक मुफ्त ऑडियो प्रशिक्षण पाठ्यक्रम है, जिसे मान्यता प्राप्त सामाजिक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं (आशा) के ज्ञान को बढ़ाने और उनके संचार कौशल को सुधारने के लिए डिजाइन किया गया है। यह एक कभी भी, कहीं भी प्रशिक्षण पाठ्यक्रम है, जो मोबाइल फोन के माध्यम से हजारों आशा कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षित कर सकता है। इस ऐप के माध्यम से गर्भवती महिलाओं और पांच साल तक के बच्चों की देखभाल संबंधी ट्रेनिंग दी जाती है। कोर्स को 11 हिस्सों में बांटा गया है, जिसमें प्रत्येक हिस्से में चार पाठ और अंत में प्रश्नोत्तर सत्र होता है। इसके लिए विभाग ने टोल फ्री नंबर भी जारी किया है। इसके तहत आशा अपना घरेलू काम करते हुए भी चिकित्सा विभाग के आशा साफ्ट नंबरों से टोल फ्री नंबर 14423 पर कॉल करने पर उसे 11 विभिन्न विषयों की जानकारी मिल जाएगी।

गर्भकाल से लेकर बच्चों के टीकाकरण तक की दी जानकारी 

मातृ स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत आशा और आशा पर्यवेक्षकों को मोबाईल एकेडमी कोर्स कराया जाता है। यह 240 मिनट का पूरा कोर्स है, जिसमें 44 पाठ, 11 भाग और 44 प्रश्न शामिल हैं। मोबाइल के माध्यम से आशाओं को महिला के गर्भकाल से लेकर बच्चों के टीकाकरण तक की जानकारी दी जाती है। मंडला जिले की 1271 आशाओं ने इस कोर्स को सफलतापूर्वक पूरा किया है। इस कोर्स को करने के बाद आशाओं को मातृ-स्वास्थ्य कार्यक्रम की पूरी जानकारी मिली है, जिससे वे अब गर्भवती माताओं की बेहतर देखभाल कर सकेंगीं और गर्भावस्था में खतरे के लक्षणों की पहचान कर समय पर उनका इलाज व प्रबंधन करा सकेंगीं। इस कोर्स से बच्चों के टीकाकरण में भी वृद्धि होने की संभावना है। मोबाईल एकेडमी कोर्स को सफलतापूर्वक संचालित करने में मंडला डीसीएम हिमांशु सिंगोर, किलकारी और मोबाइल अकादमी संभागीय कार्यक्रम अधिकारी आदेश कौरव, जबलपुर बीसीएम का विशेष सहयोग रहा।


 


 

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