विद्यार्थी परिषद ने किया अमल ज्योति विद्यालय का घेराव और प्रदर्शन
- प्रदर्शन के बाद विद्यालय प्रशासन ने रामायण की स्थिति के लिए मांगी माफी
मंडला महावीर न्यूज 29. अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद मंडला नगर इकाई ने मंगलवार को महाराजपुर स्थित अमल ज्योति विद्यालय का घेराव कर प्रदर्शन किया। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने बताया कि 27 मार्च को बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने विद्यालय का निरीक्षण किया था, जिसमें कई गंभीर अनियमितताएं पाई गईं।
एबीवीपी के अनुसार विद्यालय की पुस्तकालय में ईसाई धर्म विशेष की कई पुस्तकें मिलीं, जिससे धर्मांतरण की आशंका उत्पन्न होती है। इसके अतिरिक्त रामायण ग्रंथ जीर्ण-शीर्ण अवस्था में पाया गया, जिससे हिंदू समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुईं। परिषद ने विद्यालय प्रशासन पर विद्यार्थियों से अनावश्यक और मनमानी फीस वसूली का भी आरोप लगाया।
इन सभी मुद्दों को लेकर विद्यार्थी परिषद ने लगभग 4 घंटे तक विद्यालय के सामने प्रदर्शन किया और विद्यालय प्रशासन से रामायण ग्रंथ की दुर्दशा के लिए माफी मांगने की मांग की। प्रदर्शन के बाद विद्यालय प्रशासन ने माफी मांगी। इसके पश्चात, एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने एसडीएम को मुख्यमंत्री मध्य प्रदेश शासन के नाम एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें अमल ज्योति विद्यालय, महाराजपुर की मान्यता तत्काल समाप्त करने, विद्यालय में अप्रत्यक्ष रूप से धर्मांतरण की गहन जांच कर दोषियों पर उचित कार्रवाई करने और विद्यालय के संपूर्ण वित्तीय लेनदेन की जांच कर विद्यार्थियों से वसूली गई अवैध फीस अभिभावकों को वापस लौटाने की मांग की गई। साथ ही, थाना प्रभारी के नाम सौंपे गए ज्ञापन में विद्यालय संचालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की गई। विद्यार्थी परिषद ने प्रशासन को 7 दिनों के भीतर कार्रवाई करने की चेतावनी दी है, अन्यथा उग्र प्रदर्शन की बात कही है।
साइन फॉर इंडिया विद्यालय घुटास की मान्यता समाप्त करने की मांग
इसी विषय को लेकर विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ताओं ने कलेक्टर के नाम एक और ज्ञापन सौंपा, जिसमें साइन फॉर इंडिया विद्यालय घुटास की मान्यता समाप्त कर उचित कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई। परिषद ने बताया कि बाल अधिकार संरक्षण आयोग की टीम ने इस विद्यालय का भी निरीक्षण किया था, जिसमें भोले-भाले आदिवासी छात्राओं को धर्म परिवर्तन के लिए प्रेरित करना पाया गया। परिषद ने आरोप लगाया कि यहां आदिवासी बच्चों के साथ-साथ बैगा जनजाति के बच्चों को भी कन्वर्ट किया जा चुका है और बिना माता-पिता की अनुमति के उन्हें प्रार्थना कराई जाती है। स्कूल के फॉर्म में भी क्रिश्चियन रिलिजन लिखा गया है। एबीवीपी ने आरोप लगाया कि मंडला जिले में ईसाई मिशनरियों द्वारा विद्यालयों को धर्मांतरण का अड्डा बनाया जा रहा है और लगभग सभी स्कूलों में इसी तरह के मामले सामने आ रहे हैं। परिषद ने इस मामले में जल्द से जल्द कार्रवाई की मांग की है।











