190 नल कनेक्शन में 32 घरों को नहीं मिल रहा पानी

190 नल कनेक्शन में 32 घरों को नहीं मिल रहा पानी

  • अधूरी नल जल योजना को हैंडओवर करने दबाव बना रहे पीएचई और ठेकेदार
  • ग्रामीण मिलीभगत का लगा रहे आरोप

मंडला महावीर न्यूज 29. जिले के अंतिम छोर में बसा आदिवासी वनांचल विकासखंड मवई हमेशा चर्चाओं में रहता है। मवई के कई ग्राम आज भी विकास से कोसो दूर है। यहां विकास के नाम पर संबंधित अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि अपनी मनमर्जी चला रहे है। दूरांचल क्षेत्र मवई में व्याप्त समस्याओं और ग्रामीणों की परेशानियों को सुनने वाला यहां कोई नहीं है। यहां के अधिकारी, कर्मचारी और जनप्रतिनिधि के कानों में जूं तक नहीं रेंंगती है। इसलिए यहां पलभर में होने वाले कार्यो के लिए लोगों को बेहद परेशानी उठानी पड़ती है। फिलहाल गर्मी का सीजन शुरू हो चुका है। जिले के कई ग्रामीण अंचलों में पेयजल के लिए लोगों को जद्दोजहद करते देखा जा सकता है।

जानकारी अनुसार पीएचई विभाग और ठेकेदारो की मिली भगत के कारण जिले के अधिकांश ग्राम पंचायतों में जल जीवन मिशन योजना फैल होती नजर आ रही है। जिले में कई गांव ऐसे हैं जहां नल जल योजना आज भी अधूरी पड़ी है। बावजूद इसके पीएचई विभाग और ठेकेदार आधी-अधूरी योजनाओं को सरपंच और सचिव पर दबाव डालकर हैंड ओवर कराने का प्रयास करते है। एक ऐसा ही मामला विकासखंड मवई की ग्राम पंचायत मेढ़ा का सामने आया है, जहां विगत वर्ष नलजल योजना के तहत लोगों को पेयजल उपलब्ध कराने कार्य शुरू किया गया था, जो आज भी अधूरा है, लेकिन संबंधित ठेकेदार और अधिकारियों की मिली भगत के कारण अब पंचायत पर दबाव बनाकर योजना को सौंपना चाहते है।

लाखों की योजना से 32 घरों में नहीं पहुंच रहा पेयजल 

बताया गया कि जिले के विकासखंड मवई की ग्राम पंचायत मेढ़ा में नलजल योजना के तहत किये गए कार्यो में गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया गया है। करीब दो हजार की आबादी वाले ग्राम मेढ़ा में करीब 190 नल कनेक्शन किये गए है। जिसमें 32 नल कनेक्शन में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। जिसके कारण ग्रामीण आक्रोशित है। ग्रामीणों ने बताया कि विगत वर्ष 4 अक्टूबर 2023 से जल जीवन मिशन के तहत पीएचई विभाग ने मेसर्स तारा मशीनरी बिहार के माध्यम से करीब 60 लाख रुपये की लागत से नल जल योजना का कार्य शुरू कराया था। इस राशि से गांव में लगभग 190 नल कनेक्शन किये गए। पेयजल की समस्या से निजात दिलाने किए गए कार्य को डेढ़ वर्ष बीत गए है, लेकिन आज तक गांव में नल जल योजना का कार्य पूर्ण नहीं हो सका है।

टंकी में आई दरारें, चेम्बर भी टूटा 

ग्रामीणों का कहना है कि लाखों की लागत से ग्राम मेढ़ा में शुरू की गई नलजल योजना में गुणवत्ता का ध्यान नहीं दिया गया है। पेयजल के लिए पानी की टंकी बनाई गई है, जिसमें भी दरारें आ गई है। इसके साथ ही ऊंचाई वाले क्षेत्र में बने घरों के लिए चेम्बर भी बनाया गया है, लेकिन यह चेम्बर भी बंद है और क्षतिग्रस्त हो गया है। चेम्बर चालू नहीं होने से घाट में पानी नहीं चढ़ पा रहा है। जिसके कारण मेढ़ा के घाट में बसे 32 घरों में पानी नहीं पहुंच पा रहा है। घाट में पानी चढ़ाने के लिए यहां पुख्ता इंतजाम नहीं किये गए है।

हैंड ओवर करने बना रहे दबाव 

ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि पीएचई विभाग के अधिकारी-कर्मचारी इस नलजल योजना को हैंडओवर करने के लिए सरपंच और सचिव पर लगातार दबाव बना रहे हैं, जबकि नलजल योजना पूर्ण नहीं है। ग्रामीणों ने आरोप लगाए है कि पीएचई विभाग और ठेकेदार की मिलीभगत के कारण यह योजना समय पर पूरी नहीं हो सकी और अब अधूरी योजना को थोपने का प्रयास किया जा रहा है। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले में हस्तक्षेप कर निष्पक्ष जांच कराने और पूर्ण गुणवत्ता के साथ योजना को पूरा कराने की मांग की है।

इनका कहना है

मेढ़ी के 32 घरों को अभी तक पानी नहीं मिल रहा है, जिसके कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जल्द ही गांव में पेयजल के पुख्ता इंतजाम किए जाए।


राकेश पुसाम, ग्रामीण

ग्राम में नल जल योजना के तहत गुणवत्ताविहीन कार्य किया गया है, लेकिन पानी नहीं मिल रहा है। ठेकेदार और पीएचई के अधिकारी की मिलीभगत से घटिया कार्य किया गया है।


हुसनत बी, ग्रामीण

गांव में नलजल योजना का काम अभी तक पूरा नहीं हुआ है। कई घरों में कनेक्शन नहीं लगे हैं और जहां लगे हैं, वहां भी पानी की आपूर्ति नियमित नहीं है। पीएचई विभाग हम पर लगातार दबाव बना रहा है कि हम अधूरी योजना को हैंडओवर ले लें, जो कि ग्रामीणों के साथ अन्याय होगा।


शिवकुमार आयाम, सरपंच

हमने पीएचई विभाग को कई बार अधूरे काम के बारे में अवगत कराया है, लेकिन उनकी ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला। अब वे हैंडओवर का दबाव बना रहे हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है।


नीलेश यादव, उपसरपंच

योजना का काम चल रहा था, लेकिन एजेंसी ने बंद कर दिया था, जिसे पुन: चालू कराने के निर्देश दिए है। योजना को हैंडओवर करने के लिए किसी पर दबाव नहीं बनाया जा रहा है। यह शासन की प्रक्रिया है, यदि कहीं कमी या खराबी है तो उसे पूर्ण कराया जाएगा।
एके जोशी, एसडीओ, पीएचई


 


 

Leave a Comment