- आदिवासी पहचान, भाषा और संस्कृति को संरक्षित करने युवा हो रहे तैयार
- आदिवासी युवा डिजिटल मीडिया का सीख रहे कौशल
- मवई में आयोजित हुआ तीन दिवसीय डिजिटल स्टोरी टेलिंग प्रशिक्षण
मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी लाइव्स मैटर एएलएम आदिवासी आवाज डिजिटल स्टोरी टेलिंग का तीन दिवसीय प्रशिक्षण का आयोजन किया गया। इस दस दिवसीय प्रशिक्षण में 6 से 8 अक्टूबर तक मवई के सामुदायिक भवन में 45 से अधिक युवाओं के साथ तीन दिन का सत्र आयोजित किया गया। इसके बाद सात दिनों का चैलेंज दिया जाएगा। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य आदिवासी युवाओं को फोटोग्राफी, वीडियोग्राफी, लेखन, सोशल मीडिया प्रबंधन और कंटेंट बनाने के कौशल सिखाना है। प्रशिक्षक नितेश महतो और तुम्लेश नेटी ने विभिन्न सत्रों का नेतृत्व कर डिजिटल मीडिया द्वारा आदिवासी पहचान, भाषा और संस्कृति को संरक्षित करने पर जोर दिया।
बताया गया कि प्रशिक्षण प्राप्त युवा भविष्य में अपने आदिवासी संस्कृति, पहचान एवं मुद्दों को डिजिटल प्लेटफार्मों पर लाने के लिए तैयार हैं। आदिवासी लाइव्स मैटर इन प्रशिक्षित युवाओं को साल भर तक कॉन्टेन्ट बनाने में मार्गदर्शन देंगे। प्रशिक्षित युवाओं में कुछ को भारत के अन्य आदिवासी क्षेत्रों में भी जाने का अवसर मिलेगा।
बताया गया कि आदिवासी लाइव्स मैटर पिछले चार सालों में 400 से अधिक युवाओं को प्रशिक्षित कर चुका है। झारखंड के फोटो जर्नलिस्ट आशीष बिरुली इसके सह संस्थापक हैं। उनका कहना है कि आदिवासी लाइव्स मैटर का उद्देश्य यही है कि भारत में निवास करने वाले 700 से अधिक आदिवासी समुदायों की बात सोशल और डिजिटल मीडिया में उसी समुदाय के युवाओं द्वारा आदिवासी संस्कृति, इतिहास, पहचान और मुद्दों की बात कही जाए।












