भोले की बारात में जगत के सभी भूत, पिशाच को निमंत्रण

  • भोले की बारात में जगत के सभी भूत, पिशाच को निमंत्रण

  • श्रीराम कथा में सती चरित्र का वर्णन

  • कथा श्रवण के लिए उमड़ रहे श्रद्धालु

  • निवास के शतचंडी मैदान में संगीतमय श्रीराम कथा

मंडला महावीर न्यूज 29. निवास के शतचंडी मैदान में संगीतमयी श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है। कथा के दूसरे दिन कथा व्यास महामंडेलश्वर स्वामी आत्मानंद गिरि जी महाराज ने शिव चरित्र का सुन्दर वर्णन किया। गुरुदेव ने मां पार्वती के जन्म, कामदेव के भस्म होने और भगवान शिव द्वारा विवाह के लिए सहमत होने की कथा सुनाई। कथा के दूसरे दिन गुरुदेव ने शिव बारात की कथा सुनाते हुए कहा कि नारद को जैसे ही पता लगा कि राजा हिमांचल के घर पार्वती का जन्म हुआ है, तो वह राजा के पास पहुंच गए। नारद ने जगत जननी को प्रणाम किया। इसके बाद राजा को बता दिया था कि पार्वती तपस्या करें तो भगवान शंकर प्राप्त हो सकते हैं। राजा चाहते थे कि बेटी के जीवन में कोई कष्ट नहीं आए, सो वह बेटी की उम्र का वास्ता देकर नारद को मनाने लगे।

गुरुदेव ने शिव और पार्वती के विवाह से जुड़े सभी प्रसंग सुनाए। शिवजी के गण श्रृंगार करने में लग गए। जटाओं का मुकुट बनाकर उसे पर सांपों का मौर सजाया गया। शिवजी ने सांपों का ही कुंडल व कंगन पहने, शरीर व विभूति रमाई और वस्त्र की जगह बाघ का खाल लपेटकर बारात लेकर पहुंचे जिसे देख लोग आश्चर्यचकित हो गए। शिवजी को इस रूप में देखने के लिए अनेक देवी देवता पहुंचे थे। शिव बारात में बारातियों का चयन कर लिया गया, सभी का नाम आ गया। लेकिन शिवगण श्रृंगी, भृगी, भूत प्रेत सोचने लगे कि उनका तो बारात में जाना संभव नहीं है। शिवजी उनके प्रेम भाव को समझ गए और बोले, जगत में जितने भूत पिशाच आदि हैं सभी को निमंत्रण है, बारात में सब चलेंगे। कथा के दूसरे दिन क्षेत्र के सभी श्रद्धालु भक्तगण पहुंचे और गुरुदेव से आशीर्वाद लिया आरती के बाद भक्तों को प्रसाद वितरित किया गया।

रिपोर्टर- रोहित प्रशांत चौकसे

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