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भागवती की आंखों को मिली नई रोशनी
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एक आंख में हो गया था मोतियाबिंद, नहीं दे रहा था दिखाई
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मोतियाबिंद के सफल ऑपरेशन के बाद लौटी रोशनी
मंडला महावीर न्यूज 29. राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की योजना राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (आरबीएसके) के अंतर्गत 0 से 18 वर्ष तक के बच्चों को नि:शुल्क स्वास्थ्य सेवाएं देने का प्रावधान है। जिससे कि पीडि़त बच्चे निरोगी हो और एक स्वस्थ्य समाज एवं उज्जवल भविष्य का निर्माण हो। इसी उद्देश्य से आरबीएसके अंतर्गत स्वास्थ्य विभाग की टीम विगत दिवस कस्तूरबा गांधी बालिका छात्रावास निवास में छात्राओं का स्वास्थ्य परीक्षण करने पहुंची। छात्रावास में ब्लाक निवास के ग्राम तौरदरा निवासी छात्रा भागवती मार्को पिता राजेंद्र मार्को 15 वर्ष कक्षा नवमी में चिकित्सीय टीम की नजर पड़ी। जहां सभी के स्वास्थ्य परीक्षण के साथ भागवती का भी स्वास्थ्य परीक्षण किया गया।
भागवती के स्वास्थ्य प्रशिक्षण में पाया गया कि उसकी बाई आंखों में मोतियाबिंद की शिकायत है और उसे बाई आंख से कई दिनों से दिखाई नहीं दे रहा था। यह बात उसे पता थी, लेकिन यह बात वह ना तो अपने माता-पिता से बताई और ना ही अपने शिक्षकों से इस समस्या के विषय में बताई। छात्राओं के जांच परीक्षण के बाद आरबीएसके टीम ने भागवती के पिता से बात कर उन्हें सारी बात बताई और पूछा कि आपकी बच्ची को बाई आंख से कब से दिखाई नहीं दे रहा है, यह बात सुनकर भागवती के पिता राजेंद्र ने कहा कि हमें तो पता ही नहीं है। बच्ची ने कभी नहीं बताया कि उसे एक आंख से दिखाई नहीं दे रहा है।
बच्ची का पिता खर्च उठाने में था असमर्थ
आरबीएसके टीम ने भागवती को और उसके पिता राजेंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र निवास में बुलाया और वहां पर नेत्र सहायक श्रीमती विभा वर्मा ने भागवती की आंखों की जांच की। जांच परीक्षण के बाद बताया कि बच्ची को मोतियाबिंद की शिकायत है। उसके बाद उन्होंने कहा कि इसका मात्र एक ही उपाय है इसकी आंखों का ऑपरेशन जल्द से जल्द करना पड़ेगा। देर करोंगे तो फिर संभव नहीं है कि हम इस आंख को दोबारा बचा पाए या नहीं। राजेंद्र के पिता यह बात सुनकर बहुत दुखी हुए और उन्होंने कहा की मैडम मैं तो मजदूरी करता हूं और इलाज का खर्चा उठाने में असमर्थ हूं। तब आरबीएसके टीम के डॉ. अजय कुमार खांडेल ने कहा की आप पैसे की चिंता छोड़ दें, आपका इलाज आरबीएसके के माध्यम से शासन की योजना के तहत बिल्कुल नि:शुल्क किया जाएगा।
सफलता पूर्वक हुआ आंखो का ऑपरेशन
आरबीएसके चिकित्सक अजय कुमार ने बालिका के पिता को बताया कि भागवती का उपचार एक प्राइवेट अस्पताल दादा वीरेंद्र पुरी जी आई इंस्टीट्यूट जबलपुर में भागवती के मोतियाबिंद का ऑपरेशन कराया जाएगा। तब यह बात सुनकर राजेंद्र जल्दी ऑपरेशन के लिए तैयार हो गया और विगत दिवस प्राइवेट अस्पताल देवजी आई इंस्टीट्यूट जबलपुर में बाई आंख के मोतियाबिंद का सफलता पूर्वक ऑपरेशन किया गया। सफल सर्जरी के बाद भागवती वापस घर आ गई और उसकी बाई आंख की खोई हुई रोशनी वापस लौट गई। आज भागवती बहुत खुश है और वह आज स्वास्थ्य लाभ ले रही है। आरबीएसके की टीम ने राजेंद्र को आर्थिक रूप से भी मदद किया।
इनका रहा सहयोग
इस सफलता के पीछे पूरा आरबीएसके निवास टीम का योगदान रहा। जिसमें डॉ. अजय कुमार खांडेल, डॉ. मनोरमा पांडे, शुभा पांडे एवं श्रीमती विभा वर्मा नेत्र सहायक, आरबीएसके जिला अर्ली इंटरवेंशनल मैनेजर अर्जुन सिंह का भरपूर सहयोग रहा। भागवती के मोतियाबिंद की सर्जरी निवास बीएमओ डॉ. विजय पैगवार के मार्गदर्शन में कराया गया। भागवती के पिता राजेंद्र ने इस सहयोग के लिए सभी को धन्यवाद दिया है। सभी के सहयोग से जिसके बाद भागवती की आंखों को नई रोशनी मिली है।












