वूशु खिलाडिय़ों ने लहराया परचम

  • वूशु खिलाडिय़ों ने लहराया परचम
  • 4 स्वर्ण, 3 रजत, 7 कांस्य पदक के साथ कुल 14 पदक किये प्राप्त

मंडला महावीर न्यूज 29. आदिवासी बाहुल्य जिला मंडला के वुशू खिलाडिय़ों ने जिले का नाम रोशन किया है। खिलाडिय़ो ने 4 स्वर्ण, 3 रजत और 7 कांस्य पदक हासिल कर जिले को गौरवांवित किया है। जिला वूशु संघ सचिव माया रजक ने बताया कि राज्य स्तरीय सीनियर, सब जूनियर वूशु चेम्पियनशिप 6 एवं 8 सितंबर को सिवनी के राशि लोन में संपन्न की गई।

प्रथम दिन पुलिस अधीक्षक सुनील कुमार मेहता, डीएसओ मनु धुर्वे मैडम, केके चतुर्वेदी, सीनियर एडवोकेट पंकज शर्मा, जीजस्सी थामस जिला क्रीड़ा अधिकारी, अशवनी कुमार तिवारी, देवेंद्र ठाकुर, द्वितीय दिन 8 सितंबर को सिवनी बालाघाट लोकसभा क्षेत्र की सांसद श्रीमती भारती पारधी, विपिन गुप्ता प्रांत संगठन मंत्री, सिवनी विधायक दिनेश राय मुनमुन, भाजपा जिलाध्यक्ष आलोक दुबे, पूर्व जिलाध्यक्ष सुजीत जैन, जिला उपाध्यक्ष संतोष अग्रवाल, वैभव शुक्ला जिला संयोजक, अभिषेक दुबे, अखिलेश खेडीकर के सानिध्य में समापन हुआ।

राज्य स्तरीय सीनियर, सब जूनियर वूशु चेम्पियनशिप में मंडला के 15 खिलाडी टीम कोच सुमित रजक के साथ शामिल हुए एवं 14 खिलाडिय़ों ने पदक प्राप्त किया। जिसमें 4 स्वर्ण पदक, 3 रजत पदक, 7 कांस्य पदक प्राप्त किये। पदक प्राप्त खिलाड़ी स्वर्ण पदक पूर्णिमा रजक, आशुतोष जयसवाल, अंश झारिया, अविगेल कछवाहा रजत पदक, सोनिया रजक, गुंजन विश्वकर्मा, स्वाती जैन, कांस्य पदक पुष्पेन्द्र बैरागी, समर्थ डहरवाल, आर्या शुक्ला, अनुज रजक, तुषार झारिया,अनुषा मिश्रा, पियूष फगाडे, स्वर्ण पदक प्राप्त खिलाड़ी आगामी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में भाग लेंगे। बताया गया कि 21 सितम्बर से देहरादून में राष्ट्रीय सीनियर प्रतियोगिता आयोजित होने वाली है। जिसमें जिले की पूर्णिमा रजक का चयन हुआ है। खेलप्रेमियों ने सभी पदक प्राप्त खिलाडिय़ों को शुभकामनाएं दी है।

वुशू खिलाडिय़ों के मंडला आने पर बस स्टैंड खैरमाई मंदिर में नीरज अग्रवाल, सोनू भलावी, सीताराम कछवाहा, रंजीत कछवाहा, बृजेश जसवानी, सुनील दुबे, शंकर भोला ठाकुर, सुनील मिश्रा, विकास जयसवाल, विक्की जयसवाल, ओमप्रकाश जयसवाल, उमा यादव, गीता साहू एवं समाजसेवी एवं गणमान्य नागरिकों ने गाजे बाजे फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया एवं खेलप्रेमियों ने सभी पदक प्राप्त खिलाडिय़ों को आगामी नैशनल चेम्पियनशिप के लिए शुभकामनाएं एवं बधाई दी है।

वुशू खिलाड़ी पूर्णिमा रजक ने बताया कि यह खेल 1990 से एशियाई खेलों के आयोजन का अभिन्न हिस्सा रहा है अगले साल हांग्जो में एशियाई खेलों का आयोजन हो रहा हैं, चीन के लिए इस मुकाबले का आयोजन उसके पारंपरिक तौर पर घरेलू माहौल में होगा। इस दौरान कुल 15 गोल्ड मेडल दिए जाएंगे, सात सांडा के लिए और बाकि ताओलू जैसे चीनी मार्शल आर्ट खेलों के लिए गुजरात में जारी 36वें राष्ट्रीय खेलों में गांधीनगर के महात्मा मंदिर के एक ही हॉल में सांडा और ताओलू यानी वुशु के यिन और यांग प्रतियोगिताएं एक साथ आयोजित की जा रही हैं इन खेलों के दृश्य आपस में जुड़े दिखाई देते हैं जहां दो एथलीट एक-दूसरे को शारीरिक नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं हालांकि ताईजीजियन प्रदर्शन के दौरान बजाए जाने वाले पारंपरिक चीनी संगीत हॉल में पूरी तरह छा जाते हैं एक ही छत के नीचे ये दोनों मुकाबले कैसे हो रहे हैं इसका जवाब इस खेल के नाम वुशु में छुपा हुआ है।

दाओशु प्रतिस्पर्धा ताओलू की एक अलग शैली है जिसमें तलवार का इस्तेमाल प्रॉप के तौर पर किया जाता है लेकिन इसमें बैकग्राउंड म्यूजिक नहीं होता, उन्होंने कहा वू का मतलब मार्शल और शु का मतलब कला है. मैंने जैकी चान और जेट ली की फिल्में देखने के बाद खेलना शुरू किया। हम खेल के दौरान ताओलू शैली की कलात्मकता के साथ अपने कौशल का प्रदर्शन भी करते हैं लेकिन उनके खेल की शैली पूरी तरह से युद्ध वाली है। वुशु एक ऐसा खेल है जो कलाकारों और फाइटर्स दोनों को आकर्षित करता है कभी भी वुशु प्रतियोगिता देखने जाएं तो आपको दोनों तरह के लोग मिल जाएंगे।

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