स्वस्थ भारत सुरक्षित भारत व सशक्त भारत अभियान के तहत मनाया जा रहा राष्ट्रीय पोषण सप्ताह
- फास्ट फूड ने ले ली पौष्टिक आहार की जगह
- पोषण की कमी से कुपोषित होते हैं बच्चे
- बच्चों में मृत्यु दर का बढ़ता है ग्राफ
मंडला महावीर न्यूज 29. स्वस्थ भारत, सुरक्षित भारत व सशक्त भारत बनाने के लिए राष्ट्रीय पोषण सप्ताह और पोषण माह मनाया जा रहा है। इस वर्ष की थीम सभी के लिए पोषण आहार है। पोषण सप्ताह के अंतर्गत पोषण के महत्व को जन-जन तक पहुंचना है जिससे लोगों में पोषण से होने वाली कमी ना हो और इसके लिए जागरूक हो सके।
ऑकड़े के अनुसार 457 बच्चे पोषण की कमी से ग्रसित हैं। वहीं इस पोषण की कमी के कारण ही बच्चों की मृत्यु होती है। इसलिए पोषण के महत्व को समझना बहुत जरूरी है। डायटीशियन रश्मि वर्मा ने बताया कि हमारे स्थानीय स्तर पर जो भी पैदावार होती है, उसके पोषक मूल्यों को जानना अति आवश्यक है, जिससे हम कम बजट में अधिक पोषण युक्त खाना खाकर अपने घर को कुपोषण से मुक्त कर सकते हैं।
विटामिन और मिनरल्स स्वास्थ्य के लिए जरूरी
पोषण सप्ताह के अंतर्गत स्वास्थ्य संस्थानों, आंगनवाड़ी, महिला बाल विकास द्वारा तरह तरह के कार्यक्रम किए जाते है। इसके साथ ही थीम के अनुसार कार्यक्रम आयोजित किया जाता है। डायटीशियन रश्मि ने बताया कि हर व्यक्ति में पोषण का स्टार बहुत जरूरी होता है, हमारे दैनिक आहार में 40 प्रतिशत कार्बोहाइड्रेट, 40 प्रतिशत प्रोटीन एवं 30 प्रतिशत फैट का होना बहुत जरूरी होता है। इसके साथ ही हमारे खाने में विटामिन एवं मिनरल्स बहुत जरूरी है, जिससे हम स्वस्थ रह सकें एवं रोगों से लड़ने की क्षमता को अच्छा रख सकें।
फास्ट फूड पर निर्भर हो गई आज की पीढ़ी
डायटीशियन रश्मि ने बताया कि आज के समय में हम फास्ट फूड की ओर बढ़ते जा रहे हैं। हमारे आने वाली पीढ़ी पूरी तरीके से इस पर निर्भर हो चुकी है। इस कार्यक्रम के माध्यम से हम घर पर ही कैसे पोषण युक्त स्वादिष्ट व्यंजन बनाकर बच्चों को दे सकते हैं जिससे बच्चे अनहेल्दी पैकेट वाला आहार और फास्ट फूड से थोड़ा परहेज करना शुरू करें। बताया गया कि 01 से 30 सितंबर तक पोषण माह मनाया जा रहा है। जिसका उद्देश्य स्वस्थ भारत, सुरक्षित भारत व सशक्त भारत है। इस मिशन को सफल बनाने में आप सभी लोगों से सहयोग की अपेक्षा की है।
रश्मि वर्मा, डायटीशियन
जिला चिकित्सालय मंडला











