- मोबिलाइजर से कराया जा रहा पंचायतीराज के अन्य कार्य
- पेसा एक्ट के कार्य हो रहे प्रभावित
- पेसा ग्राम सभा का नहीं हो पा रहा सुचारू संचालन
मंडला महावीर न्यूज 29. पेसा नियम जनजातीय क्षेत्रों में ग्राम सभाओं को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहा है। सभी मोबिलाइजर का दायित्व है कि मुख्यमंत्री का संदेश गाँव-गाँव तक पहुँचाये। पेसा नियम के क्रियान्वयन में महिलाओं की भी सशक्त भूमिका है। गाँव में आपसी छोटे, मोटे विवादों को निपटाने में पेसा नियम का लाभ मिल रहा है। मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में तेंदूपत्ता समितियों के हित में पेसा एक्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है, लेकिन पेसा एक्ट के तहत मिले दायित्वों निर्वाहन करने में जिले के मोबिलाइजरों को समस्या का सामना करना पड़ रहा है। इनसे पंचायतीराज के अन्य कार्य कराए जा रहे है। जिससे पेसा एक्ट के कार्य प्रभावित हो रहे है।
जानकारी अनुसार पेसा नियम के अंतर्गत आने वाले प्रावधान में ग्रामसभा का गठन, ग्रामसभा पंचायत राज संस्थाएं, शांति एवं विवाद निराकरण समिति, भूमि प्रबंधन जल संसाधन एवं लघु जलसंभर योजना खान और खनिज मादक पदार्थ नियंत्रण, श्रम शक्ति योजना, गौण वनोपज, साहूकारी एवं सामाजिक क्षेत्रों की संस्थाओं, कार्यकर्ताओं पर नियंत्रण व विभिन्न हितग्राही योजनाओं में हितग्राहियों का चयन करना एवं अन्य विषयों के कार्यो का दायित्व मोबिलाइजर को दिया गया है। लेकिन मोबिलाइजर को जो दायित्व सौंपे गए है, वे उनका निर्वाहन नहीं कर पा रहे है।
मोबिलाइजर की मुख्य भूमिका
ग्राम पंचायत स्तर पर मोबिलाइजरों की भर्ती पेसा एक्ट मध्यप्रदेश पंचायत उपबंध अनुसूचित क्षेत्र का विस्तार नियम 2022 के तहत मध्यप्रदेश के भीतर सभी अनुसूचित क्षेत्र के लिए की गई है। जिससे कि वे अपने दायित्वों का निर्वाहन ग्राम स्तर पर निभा सके। मोबिलाइजरों को सौंपे गए दायित्व में पैसा ग्राम सभा को सशक्त बनाना, नवीन ग्राम सभा का गठन करना एवं ग्राम सभा को सुचारू रूप से चलने का कार्य करना, पेसा एक्ट ग्राम सभा में बनी समितियां पर कार्य करना, पेसा ग्राम सभा द्वारा बनी समितियां की बैठक के नियमितीकरण बैठक सूचना देना, मुनादी करना, बैठक का स्थान व्यवस्था करने के साथ मुख्य रूप से दस्तावेजीकरण भी महत्वपूर्ण है। शांति वाद निवारण समिति का गठन, मात्र सहयोगिनी समिति, वन संसाधन एवं संरक्षण समित, मादक पदार्थ नियंत्रण समिति जैसे कार्य इनके द्वारा किये जाने है।
जल जंगल जमीन के लिए जनजातियों को मिला अधिकार
पेसा एक्ट के अंतर्गत ही खान और खनिज अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की अनुशंसता पर ही खनिज की सर्वे पट्टा देने या नीलामी की कार्यवाही की जाती है। खनिज पट्टों की मंजूरी में जनजातिय व्यक्ति को सहकारी संस्थाओं और महिला आवेदकों और पुरुष को प्राथमिकता दी गई है। जिसमें गौण वनोपज का परंपरागत प्रबंधन, गौण वनोपज संबंधित अधिकार, वनों की सुरक्षा और व्यवस्था, बाजारों व मेलों पर नियंत्रण का कार्य करना, जिससे ग्राम स्तर पर ही लोगो को रोजगार मिल सके और गांव का विकास हो। ग्राम में पदस्थ मोबिलाइजर ग्राम पंचायत अंतर्गत जनभागीदारी से बनाई जाने वाली ग्राम पंचायत विकास योजना के कार्य निर्माण व बेस लाइन सर्वे में सहयोग कर रहे है।
मोबिलाइजर को आ रही समस्या
बताया गया कि करीब दो वर्ष पहले ग्राम स्तर परग्राम सभाओं को सशक्त बनाने के लिए मोबिलाइजर की भर्ती की गई थी, जिससे पेसा एक्ट के तहत लोगों को रोजगार के साथ अन्य योजनाओं का लाभ मिल सके, लेकिन विगत दो वर्षो से पेसा एक्ट के तहत मोबिलाइजरों को अपने कार्यों को करने में समस्या आ रही हैं। बताया गया कि मंडला जिले के 9 विकासखंडों में मोबिलाइजर को पंचायतीराज के कार्यों जैसे की समग्र ई केवाईसी करना, भूमि ई केवाईसी करना, मनरेगा का कार्य, आवास कार्य, पेंशन, जन्म मृत्यु प्रमाण पत्र बनाना, एसपीआर पोर्टल में नाम जोडऩा और काटना जैस कार्यों में व्यस्त कर दिया गया है। जिसके कारण पेसा एक्ट अधिनियम के कार्य प्रभावित हो रहे है।













