समावेशी शिक्षा से मनोवृति संबंधित दूर होगी बाधा

  • समावेशी शिक्षा से मनोवृति संबंधित दूर होगी बाधा
  • अध्ययनरत दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधा की दी जानकारी
  • जिला स्तरीय समावेशी शिक्षा प्रशिक्षण के द्वितीय बैच का प्रशिक्षण संपन्न

मंडला महावीर न्यूज 29. विशेष आवश्यकता वाले बच्चों की आवश्यकताओं को देखते हुए शैक्षिक गुणवत्ता एवं समावेश सुनिश्चित करने की दृष्टि से जिले के समस्त हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूल के एक-एक शिक्षकों का जिला स्तर का दो दिवसीय विकासखंड अनुसार प्रशिक्षण जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती मुन्नी वरकड़े के निर्देशानुसार आयोजित किया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य है कि प्रत्येक छात्र को उनकी योग्यता और सीखने की उत्सकता के आधार पर शैक्षिक और सामाजिक विकास के लिए उन्हें समान अवसर मिले।

बताया गया कि समाज की पारंपरिक मानसिकता भी समावेशी शिक्षा में बाधा है। आम धारणा है कि दिव्यांग बच्चों को शिक्षित करना व्यर्थ है, वे समाज और राष्ट्र के लिए कोई खास योगदान नहीं दे सकते है। इस भेदभाव पूर्ण व्यवहार को समावेशी शिक्षा से दूर किया जा सकता है। जिसके लिए विद्यालय में ऐसे बच्चों का चिन्हांकन करना आसान होगा। समावेशी शिक्षा से पाठ्यक्रम संबंधी बाधाएं दूर होगी, माता-पिता की सीमित भागीदारी को बढ़ाया जा सकेगा। सांस्कृतिक और भाषाई बाधाएं भी दूर हो सकेंगी।

शिक्षकों से नवाचार की अपेक्षा को दृष्टिगत रखते हुए प्रत्येक हाई और हायर सेकेंडरी स्कूल के एक-एक नोडल शिक्षकों को प्रशिक्षण दिया गया। राज्य से प्रशिक्षित मास्टर ट्रेनर सनातन प्रकाश सैनी शासकीय हाईस्कूल खारी एवं मास्टर ट्रेनर अलका प्रजापति शासकीय हाईस्कूल बकौरी द्वारा दो दिवस का यह विशेष प्रशिक्षण दिए। प्रशिक्षण में समावेशी शिक्षा, दिव्यांग बच्चों को पढ़ाने के लिए अंग्रेजी अल्फाबेट सिंगल हैंड, डबल हैंड, मूक कहानी, साइन लैंग्वेज द्वारा बातें करना, साइन लैंग्वेज में राष्ट्र गान, कक्षा प्रबंधन, सहायक सामग्री का उपयोग, दिव्यांग अधिनियम 2016, एनईपी 2020 के प्रावधान, आईसीटी, नवाचार एवं अन्य सारगर्भित बातों से अवगत कराया गया। इसके साथ ही प्रशिक्षणार्थियों द्वारा इसका प्रदर्शन कार्यशाला में किया गया। जिसमें मंडला जिले के शिक्षकों में काफी उत्साह देखा गया।

प्रशिक्षण में जिला शिक्षा कार्यालय कम्प्यूटर ऑपरेटर अंकुश चौरसिया द्वारा कक्षा 09 से 12 में अध्ययनरत दिव्यांग विद्यार्थियों को मिलने वाले सुविधा भत्ते एवं केन्द्रीय दिव्यांग छात्रवृत्ति के विषय में विस्तार से बताया। प्रशिक्षण में एपीसी केके उपाध्याय, एपीसी जिला शिक्षा कार्यालय एलएस मसराम, घाघा हाईस्कूल प्राचार्य सुभाष चतुर्वेदी, सहायक संचालक एमएस सैंदराम एवं सभी जनपद केंद्र के एमआरसी इरफान खान, संदीप सोनी, प्रशांत वैद्य समेत अन्य एमआरसी की सक्रिय भूमिका रही। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को विभिन्न गतिविधियों के द्वारा मूक छोटी कहानियां और अपनी बातों को साइन लैंग्वेज द्वारा भी प्रदर्शित किया गया।

प्रशिक्षण में बोर्ड द्वारा अपनाए गए शैक्षिक प्रावधान, दिव्यांगता की श्रेणियां कक्षा प्रबंधन बड़ा मुक्त वातावरण, आईसीटी, सहायक सामग्री उपकरण से संबंधित बिंदुओं पर चर्चा की गई। इसके साथ ही ब्रेल लिपि की जानकारी एमआरसी द्वारा दी गई। दो दिवसीय प्रशिक्षण का समापन साइन लैंग्वेज द्वारा राष्ट्रगान के माध्यम से किया गया। प्रशिक्षण में समावेशी शिक्षा के पांच सिद्धांत शिक्षा तक सभी की पहुंच, समानता का अधिकार, सभी की भागीदारी, प्रासंगिकता सशक्तिकरण पर विशेष बल देते हुए शिक्षको के दृष्टिकोण को बदलने का प्रयास किया गया, जो सफल रहा।

Leave a Comment