बड़ी खैरी के प्राचीन तालाब के जीर्णोद्धार पर नहीं ध्यान

  • बड़ी खैरी के प्राचीन तालाब के जीर्णोद्धार पर नहीं ध्यान
  • निस्तारी तालाब की भूमि पर हो रहा कब्जा
  • तालाब का उपयोग वर्ष भर करते है स्थानीय लोग
  • बड़ी खैरी स्थित तालाब में फैली गंदगी


मंडला महावीर न्यूज 29. जिला मुख्यालय से लगी ग्राम पंचायत बड़ी खैरी में वर्षो पुराने तालाब पर जिला प्रशासन की नजर नहीं पड़ रही है। यह तालाब अपने अस्तित्व की लड़ाई लड़ रहा है। भले ही जिले भर में जल संरक्षण को लेकर कार्यक्रम किए जा रहे हो लेकिन इस महत्वपूर्ण तालाब की साफ-सफाई न होना अब चर्चा में आ चुका है। जबकि स्थानीय लोगों का मानना है कि यह तालाब वर्षो पुराना है जहां पर आसपास की पहाडिय़ों का लाखों गेलन पानी हर बार बारिश में एकत्रित होता है। जिसका उपयोग वर्ष भर स्थानीय लोग करते हैं।

बता दे कि मवेशियों की प्यास यह तालाब बुझाता है। वहीं क्षेत्र के वाटर लेबल को बनाए रखने में इस तालाब की महत्वपूर्ण भूमिका है इसके बाद भी इस तालाब के जीर्णोद्धार साफ-सफाई और सुरक्षा के कोई भी उपाय नही किए जा रहे हैं। जिससे लोगों में रोष है वहीं तालाब में लगातार अतिक्रमण भी किया जा रहा है और माफिया रातों रात तालाब को मिट्टी मुरुम से पूर रहे हैं और तालाब की जमीन को बेच रहे हैं। जिसकी शिकायत पूर्व में भी की गई थी लेकिन जिला प्रशासन के जवाबदार ध्यान नहीं दे रहे हैं।

पहले भी की जा चुकी हैं शिकायतें 

ग्राम पंचायत बड़ी खैरी में मुय मार्ग से लगे प्राचीन तालाब को बचाने के लिए सरपंच सहित स्थानीय जागरूक नागरिक सक्रिय हो चुकें हैं। तालाब में सैकड़ों ट्राली, मुरुम, पत्थर, गिट्टी हते दो हते में डाले जाते हैं और फिर धीरे से समतलीकरण कर कब्जा कर जमीन बेच दी जाती है। जिसकी शिकायत पूर्व में स्थानीय रहवासी सहित जागरूक नागरिकों के द्वारा की गई थी जहां से निस्तारी तालाब की भूमि पर कब्जा आदि का उल्लेख किया गया था। अनुविभागीय राजस्व अधिकारी मंडला ने अपने आदेश में उक्त तालाब को मप्र शासन के नाम दर्ज करने के आदेश देते हुए तहसीलदार मंडला को रिकॉर्ड सुधार के आदेश किए थे तब से यह मामला ठंडे बस्ते में चला गया है। लेकिन अब फिर एक बार उक्त तालाब में अवैध तरीके से कब्जा किया जा रहा है।


Leave a Comment