संपूर्ण कार्य दिवस का नहीं दिया जा रहा अनुभव प्रमाण पत्र

  • संपूर्ण कार्य दिवस का नहीं दिया जा रहा अनुभव प्रमाण पत्र
  • अतिथि शिक्षकों ने तीन दिन में मांगे पूरी करने का दिया अल्टीमेंटम
  • मांगे पूरी ना होने पर करेंगे घेराव और अनिश्चितकालीन आंदोलन
  • अपनी मांगों को लेकर मुख्यमंत्री के नाम मंडला कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

मंडला महावीर न्यूज 29. अतिथि शिक्षकों की वर्षो से लंबित समस्या के साथ लंबित भर्ती प्रक्रिया में आ रही समस्याओं का निराकरण नहीं हो पा रहा है। अतिथि शिक्षक सरकार की दोषपूर्ण और दोगली पक्षपात पूर्ण नीतियों का शिकार हो रहे है। अतिथि शिक्षकों ने सोमवार को मुख्यमंत्री के नाम मंडला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए समस्या निराकरण की मांंग की है। जिला संगठन के संजय सिसोदिया ने बताया कि समस्या निराकरण के लिए सौंपे गए ज्ञापन में मांग की है कि 2 सितंबर 2023 को तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान द्वारा अतिथि शिक्षकों के हित में की गई घोषणाओं पर अमल जल्द से जल्द किया जाए। वहीं की गई घोषणाएं अतिथि शिक्षकों के लिए पर्याप्त नहीं हैं।

वर्षों से अतिथि शिक्षक का काम करके अधिकतम अनुभवी हुए अतिथि शिक्षकों को अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में सबसे पहले प्राथमिकता दिया जाए। जिससे हर वर्ष नए शिक्षा सत्र में अतिथि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में ना परेशान हो। पिछले सत्रों में बनी पैनल के अनुसार अतिथि शिक्षकों की भर्ती की जाए। बताया गया कि अतिथि शिक्षक सरकार की गलत नीतियों के शिकार होने के कारण दर-दर भटक रहे है। उन अतिथि शिक्षकों को चिन्हित कर इस सत्र में अवसर दिया जाए। 30 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम देने वाले अतिथि शिक्षकों को बाहर किये जाने के आदेश को वापस लेकर मौका दिया जाए। अतिथि शिक्षकों का मानदेय हर महीने समय पर दिया जाए।

जिला अध्यक्ष पीडी खैरवार ने कहां है कि विधानसभा चुनाव 2023 के पहले तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने अतिथि शिक्षकों के हित में वार्षिक अनुबंध, शिक्षक भर्ती में कुल पदों का 25 की जगह 50 प्रतिशत आरक्षण, अधिकतम पांच वर्षों के 20 अंक बोनस, शिक्षा गारंटी गुरुजियों की तरह पात्रता परीक्षा लेकर नियमितीकरण, दो गुना मानदेय जो महीने की सुनिश्चित तारीख को देना तय हो जैसी नाकाफी घोषणाएं की थी। भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री बदल जाने के बाद डॉ. मोहन यादव की सरकार ने अभी तक अतिथि शिक्षकों को नजर अंदाज किया है। विधानसभा चुनाव में वोट बैंक बढ़ाने के लिए सिर्फ मानदेय दोगुना करके अपना पल्ला झाड़ रही है। शिक्षक भर्ती में भी अतिथि शिक्षकों को लाभ नहीं दिया जा सका है।

अनुभव के अनुसार दी जाए वरीयता :
बताया गया कि अतिथि शिक्षकों को अवसर न देकर सरकार अभी भी नए पंजीयन कराने आदेश जारी की है। जिसे वापस लेने अतिथि शिक्षकों ने मांग की है। अतिथि शिक्षकों ने कहां है कि नये पंजीकृत लोग और पहले से अतिथि शिक्षकों के रूप में काम करते आ रहे अधिकतम अनुभवियों के बीच प्रतियोगिता होगी और पढ़ाने के कार्य में अनुभवहीन आज की नई पीढ़ी अपने आज के पर्सेंटेज का फायदा उठाकर अतिथि शिक्षक बनने का लाभ उठाएंगे। इससे ये नए अतिथि शिक्षक भी इस मकड़ाजाल में फंस जाएंगे। वहीं वर्षों से अपना अमूल्य समय दे रहे अतिथि शिक्षकों को काम से बाहर हो जाना मजबूरी बन जाएगी। ऐसी नीतियां पिछले वर्षो से ही चली आ रही हैं, जो दोषपूर्ण नीति हैं। मांग की गई है कि अनुभवी अतिथि शिक्षकों को ही आवश्यकता अनुसार अतिथि शिक्षक में वरीयता दी जाए।

संपूर्ण कार्य दिवस नहीं दे रहे अनुभव प्रमाणपत्र :
वर्तमान में तैयार किये जा रहे आनलाइन, आफलाइन अनुभव प्रमाण पत्र भी संपूर्ण कार्य दिवसों की गणना करके बनाया जाना चाहिए। प्राय: देखा जा रहा है कि सरकार के ही नुमाइंदों के द्वारा कम से कम तीन सत्र या दो सौ कार्य दिवसों का ही अनुभव प्रमाण पत्र बनवाकर काम चलाने की समझाइश अतिथि शिक्षकों को दी जा रही है। कहा जा रहा है कि पूरे कार्य दिवसों का अनुभव प्रमाण पत्र बनवाना आवश्यक नहीं है। सरकार जब भी फायदा देखी तीन सत्र अनुभव मांगेगी। जबकि तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने ही अधिकतम पांच साल के बोनस अंक देने की बात की थी, जो नाकाफी भी है। क्यों जितने कार्य दिवस काम किये गये हैं उतने के अनुभव प्रमाण पत्र बनाये जाएं।

सरकार का करेंगे अतिथि शिक्षक घेराव :
आगे की रणनीति बताते हुए संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी उदय कुमार झारिया, श्रवण कुमार यादव, हेमराज मसराम और राजू यादव, ऊपासना सिंह ने बताया कि सरकार तीन दिन के अंदर लंबित मांगें पूरी नहीं करती है तो संपूर्ण मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षक भोपाल पहुंचकर सरकार का घेराव करने के लिए अनिश्चितकालीन आंदोलन करने बाध्य होंगे। जिसकी संपूर्ण जिम्मेदार सरकार की होगी।

ज्ञापन सौंपने के दौरा ये रहे मौजूद :
अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपने के दौरान संजय सिसोदिया, उदयकुमार झरिया, उपासना सिंह, हेमराज मसराम, राजू यादव, कुंती शिवरे, पूर्णिमा धुर्वे, दिलीप साहू, नरेश नंदा, महेश बैरागी, नंदलाल नंदा, लाला झरिया, शालिक मरावी, धरम सिंह पूषाम, रामेश्वर प्रसाद, श्रवण झारिया, जाबिर खान, कमलेश बरमैया, अनुभव झारिया, सुनील उईके, रवि बैरागी, संजीवन मार्को, नारेंद्र सैयाम, उमेश्वर मोंगरे, अशोक गुर्जर, प्रेमा बंजारा, सिया बघेल, संजू झरिया, रिखीराम मार्को, धीरज धुर्वे, प्रतापसिंह मार्को, भागचंद मरावी समेत अन्य अतिथि शिक्षक मौजूद रहे।


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